चांद और 370 करोड़ साल पुराना पत्थर का टुकड़ा देख चकित मालदा के छात्र, जिले में बनेगा स्पेस साइंस सेंटर

Malda Space Science Centre: पश्चिम बंगाल के मालदा में पूर्वी भारत का पहला स्पेस साइंस सेंटर बनेगा. प्रदर्शनी में छात्रों ने चांद का टुकड़ा, कैन्यन डियाब्लो उल्कापिंड और 370 करोड़ साल पुरानी शिला देखी. पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट.

Space Science Centre Malda: पश्चिम बंगाल का ऐतिहासिक जिला मालदा अब खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान का नया केंद्र बनने जा रहा है. मालदा कॉलेज ऑडिटोरियम में एक विशेष अंतरिक्ष विज्ञान प्रदर्शनी के दौरान जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक ने मालदा जिले में स्पेस साइंस सेंटर (Space Science Centre) स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना का खुलासा किया.

भारतीय अंतरिक्ष भौतिकी केंद्र (Indian Centre for Space Physics, Kolkata) के निदेशक और प्रख्यात खगोल भौतिकीविद् (Astrophysicist) डॉ संदीप चक्रवर्ती की पहल पर आयोजित इस संगोष्ठी और प्रदर्शनी में छात्रों को अंतरिक्ष के दुर्लभ अवशेषों को करीब से देखने का मौका मिला.

चांद की चट्टान, उल्कापिंड, नील आर्मस्ट्रांग के हस्ताक्षर

इस प्रदर्शनी का सबसे मुख्य आकर्षण चांद से लायी गयी वास्तविक चट्टान (Moon Rock) और अमेरिका के एरिजोना से मिले कैन्यन डियाब्लो उल्कापिंड (Canyon Diablo Meteorite) का टुकड़ा था.

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प्रदर्शनी में प्रस्तुत प्रमुख दुर्लभ वस्तुएं

  • मोरक्को से एकत्र की गयी प्री-कैम्ब्रियन (Pre-Cambrian) युग की 370 करोड़ साल पुरानी स्ट्रोमेटोलाइट शिला, जो पृथ्वी पर जीवन की शुरुआती उत्पत्ति को दर्शाती है.
  • अंतरिक्ष विज्ञान के अग्रदूत नील आर्मस्ट्रांग, यूरी गागरिन और वेलेंटीना टेरेशकोवा के हस्ताक्षर (Autographs).
  • अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा इस्तेमाल किये गये उपकरण, उनकी तस्वीरें और शून्य गुरुत्वाकर्षण (Zero Gravity) में शरीर को स्थिर रखने वाली विशेष अंतरिक्ष बेल्ट.

ब्रह्मांड में हमसे भी बुद्धिमान जीव संभव : डॉ संदीप चक्रवर्ती

छात्रों को संबोधित करते हुए मालदा की माटी के लाल और प्रमुख खगोलविद डॉ संदीप चक्रवर्ती ने कहा- पृथ्वी कोई अद्वितीय ग्रह नहीं है. न ही हमारा सूर्य कोई विशेष तारा है. ब्रह्मांड में ऐसे अरबों तारे और ग्रह मौजूद हैं. वहां हमारे जैसी और हमसे भी कई गुना अधिक बुद्धिमान सभ्यताएं/जीव होने की प्रबल संभावना है. अरबों वर्षों के उद्विकास (Evolution) के बाद पृथ्वी पर मानव का निर्माण हुआ है और आज वही मानव पूरे ब्रह्मांड की खोज में जुटा है.

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मालदा में बनेगा आधुनिक स्पेस सेंटर

कार्यक्रम में शामिल हुए इंग्लिशबाजार के विधायक अम्लान भादुड़ी ने घोषणा की कि मालदा जिले में एक अत्याधुनिक ‘स्पेस साइंस सेंटर’ की स्थापना के लिए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन भूमि तथा बुनियादी ढांचे समेत हर संभव सहायता प्रदान करेगा. इससे न केवल मालदा, बल्कि पूरे उत्तरी बंगाल के छात्रों और शोधकर्ताओं को खगोल विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकेंगी.

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