दोषी वृद्ध को आजीवन कारावास की सजा

पड़ोसी 64 वर्षीय बुजुर्ग नाबालिग को पास के एक बगीचे में ले गया और दुष्कर्म किया.

बारासात. आठ साल पहले यानी 2017 में घर में अकेली एक नाबालिग को देख उसे बहलाकर पास के बाग में ले जाकर दुष्कर्म करने के मामले में पड़ोसी वृद्ध को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी. घटना उत्तर 24 परगना के बारासात की है. जानकारी के मुताबिक घटना के वक्त नाबालिग नौ साल की थी. उसकी मां किसी काम से बाहर गयी थी. वह घर में अकेली थी. पड़ोसी 64 वर्षीय बुजुर्ग नाबालिग को पास के एक बगीचे में ले गया और दुष्कर्म किया. उसने बच्ची को यह कहकर बहलाया कि उसकी बकरी को बांधना है. इस पर बच्ची उसके साथ चली गयी. इसके बाद उसने उसके साथ दुष्कर्म किया. घटना के तीन दिन बाद बच्ची के बीमार होते ही परिजनों को घटना का पता चला. फिर पीड़ित परिवार ने हाबरा थाने में शिकायत दर्ज करायी. आरोपी को गिरफ्तार किया गया. मेडिकल रिपोर्ट में भी इसका प्रमाण मिला. फिर बारासात पॉक्सो अदालत में काफी समय मामला चलने के बाद अंत में बुधवार को सारे सबूत व गवाहों के मद्देनजर वृद्ध को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी. साथ ही 50,000 रुपये जुर्माना अन्यथा छह माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी रखा गया.

बारासात कोर्ट के सरकारी वकील मृणाल कांति दास ने बताया कि दोषी का नाम अरुण दास (72) है. घटना 12 फरवरी 2017 को हाबरा थाना के पृथिबा में हुई थी.

दोषी को आजीवन कारावास के साथ ही पचास हजार रुपये का जुर्माने भी लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा सुनायी गयी है.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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