Buddhadeb Bhattacharjee : पश्चिम बंगाल के पूर्व सीएम बुद्धदेव भट्टाचार्य (Buddhadeb Bhattacharjee) का पार्थिव शरीर एनआरएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल को दान कर दिया जायेगा. हालांकि देहदान से पहले परिवार को शपथ पत्र अस्पताल में जमा करना होगा. उसके बाद शव को अस्पताल के एनाटमी विभाग के विशिष्ट कक्ष में रखा जायेगा. शव का इस्तेमाल मेडिकल छात्रों के शोध के लिए किया जायेगा. इस संबंध में एनआरएस के एक चिकित्सक ने बताया कि बुद्धदेव का कोई एक करीबी रिश्तेदार अस्पताल में शपथ पत्र जमा करेगा. फिर शरीर को संरक्षित करने के लिए विशेष रसायनों को नस में इंजेक्ट किया जायेगा. चिकित्सीय भाषा में इस प्रक्रिया को ””एम्बामिंग”” कहा जाता है.
देहदान से पहले परिजनों को करना होगा शपथ पत्र पर हस्ताक्षर
इसके बाद शव को विशेष तरह के रसायन से भरे एक कंटेनर में रखा जायेगा. कंटेनर के बाहर निकालने के बाद शव पर एक विशेष रासायनिक कोटिंग की जायेगी. वहीं, परिवार द्वारा शव अस्पताल को सौंपे जाने के दौरान अस्पताल व विभाग के आला अधिकारी उपस्थित रहेंगे. इसके लिए अस्पताल परिसर की साफ-सफाई करायी जा रही है. इस संबंध में एनाटमी विभाग के प्रोफेसर डॉ अभिजीत भक्त ने कहा बुद्धदेव पूर्व मुख्यमंत्री हैं.
देहदान के बाद परिवार के सदस्य दोबारा नहीं देख सकेंगे बुद्धदेव का चेहरा
उन्होंने अपना देह इसलिए दान किया था, क्योंकि उन्हें चिकित्सा अनुसंधान कार्य की आवश्यकता महसूस हुई थी. ऐसे में इस पूरी प्रक्रिया को गरिमा के साथ की जायेगी. डॉक्टर ने बताया कि पूर्व सीएम के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं होगी. बुद्धदेव भट्टाचार्य के इस कदम से मरणोपरांत देहदान के प्रति लोग जागरूक होंगे. लोग देहदान के लिए आगे आयेंगे.
