कोलकाता से आतंकी गिरफ्तार : ISI एजेंट के पास से मिले फोर्ट विलियम की तस्वीर और एक नक्शा, मोबाइल में कई देशों के नंबर

पश्चिम बंगाल पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स ने मंगलवार रात दो संदिग्ध पाकिस्तानी ISI एजेंटों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए एजेंटों के पास से फोर्ट विलियम की तस्वीरें, एक नक्शा और कई देशों के मोबाइल नंबर मिले हैं.

कोलकाता से विकास कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

Suspected Pakistani ISI Agent Arrested Bengal: बंगाल पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स के हाथों गिरफ्तार राणा रऊफ खालिद और मोहम्मद एजाज को मंगलवार रात जेसोर रोड से बेनापोल बॉर्डर की ओर जाते समय गिरफ्तार किया गया था. एसटीएफ सूत्र बताते हैं कि राणा से बार-बार पूछताछ करने पर एसटीएफ को कई चौंकाने वाली बातें पता चलीं. जांच करने वालों को गिरफ्तार लोगों के पास से फोर्ट विलियम की तस्वीरें और एक नक्शा भी मिला है. जांच करने वाले अब इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं कि गिरफ्तार पाकिस्तानी आइएसआइ एजेंट को कोलकाता में आर्मी हेडक्वार्टर की तस्वीरें और नक्शा कैसे मिला.

15 अगस्त से पहले था कोई बड़ा प्लान

एसटीएफ यह भी जांच कर रही है कि क्या पकड़े गये लोगों के पास 15 अगस्त से पहले कोई बड़ी योजना थी. खबरों के मुताबिक, एसटीएफ इस मामले में आर्मी इंटेलिजेंस के साथ मिलकर काम कर रही है. गिरफ्तार लोगों के पास से पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश के कई मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप चैट रिकॉर्ड, दो सिम कार्ड, फोन नंबरों वाली एक नोटबुक मिली है. एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि इस बात के सबूत हैं कि कुछ चैट और नंबर डिलीट कर दिये गये हैं.

पाकिस्तान को पहुंचा रहे थे अहम जानकारी

पकड़े गये दो पाकिस्तानी जासूसों से पूछताछ में पता चला कि उनका काम भारतीय सेना की गतिविधियों, मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे से जुड़ी अहम जानकारी पाकिस्तान की मिलिट्री इंटेलिजेंस एजेंसी, आइएसआइ तक पहुंचाना था. उन पर पेट्रापोल और घोजाडांगा बॉर्डर पर सेना की गतिविधियों और मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में खुफिया जानकारी इकट्ठा करने का भी आरोप है. एसटीएफ अधिकारी इन जानकारियों की पुष्टि के लिए राणा और मोहम्मद एजाज से बार-बार पूछताछ कर रहे हैं, क्योंकि जांच करनेवाले यह पता लगाना चाहते हैं कि पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी को असल में क्या जानकारी भेजी गयी थी.

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नेपाल और बिहार के रास्ते बंगाल पहुंचा राणा

एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्ति पाकिस्तान के फैसलाबाद जिले के हफीजाबाद गांव का रहने वाला है. वर्ष 2012 में रक्सौल में नेपाल बॉर्डर पार करके इस राज्य में आने के बाद वह कोलकाता में तपसिया सेकेंड लेन में रहने लगा था. आरोप है कि एजाज की मदद से राणा ने ''वहाब आलम'' के नाम से नकली वोटर और आधार कार्ड बनवाये. जांच करनेवालों को पता चला है कि वह कई बार पाकिस्तान के रावलपिंडी गया था. हालांकि, बांग्लादेश भागने से पहले ही पूरे ऑपरेशन का खुलासा हो गया.

बांग्लादेश जाने की तैयारी कर रहा था राणा

एसटीएफ का दावा है कि एक सूत्र से राणा की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने के बाद 11 अगस्त से ही उस पर नजर रखी जा रही थी. राणा और एजाज जेसोर रोड से होते हुए बेनापोल बॉर्डर के रास्ते बांग्लादेश में घुसने की तैयारी कर रहा था. इस जानकारी के आधार पर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मंगलवार की रात हाबरा के चोंगडा मोड़ पर निगरानी बढ़ा दी. इसके बाद रात करीब 12:30 बजे पुलिस ऑपरेशन में राणा रऊफ खालिद (उर्फ वहाब आलम) और मोहम्मद एजाज को गिरफ्तार किया गया.

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लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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