संवाददाता, कोलकाता
कलकत्ता ट्राम यूजर्स एसोसिएशन की तरफ से ट्राम बचाने की मांग को लेकर नंदन के समीप कैथेड्रल रोड स्थित रानू छाया मंच के पास प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन में महानगर के निजी संगठन, वरिष्ठ नागरिक, फिल्म व रंगमंच कलाकार, पर्यावरणविद्, डॉक्टर, सामाजिक वैज्ञानिक और युवा शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने ट्राम बंद होने के लिए सरकार की नीतियों को जिम्मेदार बताया. एसोसिएशन के संयुक्त सचिव सागनिक गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार की अनदेखी के कारण 151 वर्ष पुराना कोलकाता का गौरव ट्राम महानगर की सड़कों से प्राय: विलुप्त हो चुका है. इस ऐतिहासिक धरोहर की जानबूझकर अनदेखी की जा रही है. हमने कोलकाता ट्राम के संरक्षण के लिए समर्थन जुटाने के लिए सभा स्थल के रूप में नंदन का चुनाव किया. हम कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में आने वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं और प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं. ट्राम को लेकर सरकार के निर्णय के खिलाफ आम और खास लोग अपनी आवाज बुलंद करें.
इस दौरान एसोसिएशन ने एक विज्ञप्ति जारी कर सरकार के कार्यों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय ने 21 जून 2023 को एक सलाहकार समिति का गठन किया था. समिति से कहा था कि वह एक रिपोर्ट प्रस्तुत करे कि कोलकाता शहर में ट्राम सेवाओं को कैसे संरक्षित रखते हुए बहाल रखा जा सकता है. लेकिन समिति की सिफारिशों को नजरअंदाज किया गया. उसकी बैठकों को रद्द कर दिया गया. एसोसिएशन का यह भी दावा है कि जज कोर्ट रोड और किडरपोर नामक चार क्षेत्रों में मौजूदा पटरियों को ढक दिया गया. हाल ही में बिना किसी स्पष्ट कारण के टॉलीगंज-बल्लीगंज मार्ग को बंद कर दिया गया, जबकि यह ट्राम मार्ग कोलकाता वासियों के बीच काफी लोकप्रिय है.
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