बंद हो जाएगा कोलकाता का आरजी कर अस्पताल! जानें क्यों हाईकोर्ट ने कहा- वहां ताला लगा देना चाहिए

Kolkata Doctor Murder Case: कोलकाता के जिस आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में महिला डॉक्टर की बलात्कार के बाद हत्या हुई, उसे बंद किया जा सकता है.

Kolkata Doctor Murder Case: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में महिला रेजिडेंट डॉक्टर की रेप के बाद हत्या मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट ने बेहद सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा है कि आरजी कर अस्पताल को दूसरी जगह शिफ्ट करके वहां ताला लगा देना चाहिए.

आरजी कर अस्पताल को बंद करने का आदेश दे सकता है कोर्ट

केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि महिला डॉक्टर, जिसकी बलात्कार के बाद हत्या कर दी गयी, का शव मिलने के बाद अस्पताल के एक तल पर कुछ मरम्मत का काम चल रहा है. इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि अदालत चिकित्सा प्रतिष्ठान को बंद करने का आदेश दे सकती है.

महिला डॉक्टर रेप-मर्डर केस की अगली सुनवाई 21 अगस्त को

कलकत्ता हाईकोर्ट की पीठ ने कोलकाता की पुलिस और अस्पताल के प्रशासक को निर्देश दिया कि वे मामले में सुनवाई की अगली तारीख 21 अगस्त को अस्पताल की ‘वास्तविक स्थिति’ और सभी संबंधित मामलों का विवरण देते हुए अलग-अलग हलफनामा दाखिल करें. पीठ ने कहा कि पुलिस को उन घटनाओं का पूरा विवरण रिकॉर्ड में देना चाहिए, जिनके कारण अस्पताल में तोड़फोड़ हुई.

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हाईकोर्ट ने चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दिया आदेश

पीठ ने कहा कि 13 अगस्त को उसने डॉक्टरों से काम पर लौटने पर विचार करने का आग्रह किया था. उन्हें मरीजों के प्रति उनके ‘पवित्र दायित्व’ की याद दिलायी थी. अदालत ने कहा कि 15 अगस्त को अस्पताल में हुई तोड़फोड़ और हिंसा की घटना का निश्चित रूप से प्रदर्शनकारी डॉक्टरों की मानसिकता पर असर पड़ेगा. अस्पताल में काम कर रहे डॉक्टरों को पर्याप्त सुरक्षा दी जानी चाहिए, अन्यथा वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर पायेंगे.

अस्पताल में तोड़फोड़ से हाईकोर्ट हैरान

सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि बलात्कार और हत्या मामले की जांच के लिए गठित विशेष टीम मामले में आगे बढ़ रही है. वहीं, हाईकोर्ट ने आश्चर्य व्यक्त किया कि यदि राज्य में किसी अन्य (स्वास्थ्य) केंद्र में ऐसी ही घटना घटी, तो क्या होगा.

कानून-व्यवस्था की स्थिति विफल – हाईकोर्ट

अदालत ने कहा कि यदि पुलिस घायल हो जाती है, वे भीड़ को नियंत्रित करने में असमर्थ हैं, तो कानून-व्यवस्था की स्थिति विफल हो गयी है. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि पुलिस की एक खुफिया शाखा हमेशा मौजूद रहती है और उसे वहां भारी भीड़ के एकत्र होने की जानकारी होनी चाहिए थी.

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