हुगली से कुंदन कुमार झा की रिपोर्ट
Kalyan Banerjee: तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष असित मजूमदार के आह्वान पर आयोजित 21 जुलाई की तैयारी सभा में तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं और भीतर के कथित भ्रष्टाचार पर तीखा हमला बोला. कल्याण ने कहा कि जो लोग तृणमूल कांग्रेस छोड़कर गये हैं, वे वही लोग हैं जिन्होंने सबसे अधिक धन कमाया है और अब खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
भ्रष्ट नेताओं की हो गिरफ्तारी
उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें कहा गया था कि पार्टी में रहकर भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. सांसद ने कहा- मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा कि जिन लोगों ने तृणमूल में रहकर चोरी की और धन अर्जित किया है, उन्हें गिरफ्तार किया जाये. इसमें मेरा पूरा समर्थन है. उन्होंने बिना नाम लिए फिरहाद हकीम पर भी निशाना साधा और कहा कि सिर्फ काली को पकड़ने से नहीं होगा, कलम-दवात को भी पकड़ना होगा.
स्वयं को बचाने के लिए बदले पार्टी
कल्याण बनर्जी ने स्नेहाशीष चक्रवर्ती, चंडीतला की विधायक स्वाति खंदकर, चांपदानी के पूर्व विधायक अरिंदम गुइन और संतोष सिंह उर्फ पप्पू का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि 2009 में जिनके घर सामान्य थे, वे आज भव्य भवनों के मालिक बन गये हैं. कल्याण बनर्जी ने आगे आरोप लगाया कि रितब्रत बनर्जी के साथ गये लोग पहले भाजपा में शामिल होना चाहते थे, लेकिन वहां जगह न मिलने के कारण उन्होंने अलग गुट बनाया. उन्होंने दावा किया कि यह पूरा प्रयास केवल स्वयं को बचाने के लिए किया गया है और इन नेताओं की कोई भी बैठक सफल नहीं हो पायी है.
दीदी नंबर वन
कल्याण ने व्यंग्य करते हुए कहा-रचना बनर्जी कह रही हैं कि क्या मैं सिर्फ तृणमूल के लिए जीती? मैं अपने लिए भी जीती हूं. मेरी बात सुनो, तुम सब बेकार हो.अभिनेत्री को दीदी नंबर 1 कहा जाने लगा और लोग उन्हें देखने के लिए भीड़ बनाकर खड़े हो गए. भगवान का क्या ही खेल है! पाप करने वालों को उसके परिणाम भुगतने ही पड़ेंगे. दीदी को दो दिनों के भीतर ही नंबर एक की रैंकिंग से हटा दिया गया. फिर वे कहते हैं कि उन्हें शिष्टता का बोध नहीं है. अरे, तुम्हें किस तरह की शिष्टता का बोध है? तुम तो गद्दार हो.
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कौन जानता है ऐसे नेताओं को
सांसद ने यह भी कहा- वे बड़े-बड़े बाइट्स दे रहे हैं. अरे भाई, इस इलाके के विकास के लिए तुम क्या करोगे ? आप इस इलाके के निवासी नहीं हैं. आप पिछले दो साल से इस इलाके में नहीं आए हैं. जिस किसी को भी हुगली संसदीय निर्वाचन क्षेत्र का भौगोलिक ज्ञान नहीं है, भले ही उन्हें इसके बारे में पता न हो, फिर भी वे संभवतः सात विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के नाम नहीं बता पाएंगे. अब अर्बाना के फ्लैट, एयरपोर्ट-दिल्ली पार्टी के अलावा कुछ नहीं बचा है. अब तो अगर वो फोन भी करे तो पांच लोग भी नहीं जाएंगे. अखबारवाले और दूधवाले के अलावा कोई उसके घर नहीं जाएगा.
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