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Kalighat Police Station New OC: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र कालीघाट में प्रशासनिक उथल-पुथल मच गयी है. कोलकाता पुलिस ने रविवार को एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए कालीघाट पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी (OC) को फिर से बदल दिया है.
24 घंटे के भीतर हटायी गयीं चमेली मुखोपाध्याय
महज 2 दिनों के भीतर इस महत्वपूर्ण थाने को दूसरा नया ओसी मिला है. भांगड़ डिवीजन के पोलरहाट थाने के अतिरिक्त प्रभारी अधिकारी बलाई बाग को तत्काल प्रभाव से कालीघाट का नया ओसी नियुक्त किया गया है. उन्होंने चमेली मुखोपाध्याय की जगह ली है, जिन्हें पद संभालने के मात्र 24 घंटे के भीतर ही हटा दिया गया.
Kalighat Police Station New OC: क्यों बदली गयीं चमेली?
कोलकाता पुलिस प्रमुख अजय नंदा के हस्ताक्षर से जारी आदेश के अनुसार, चमेली मुखोपाध्याय का तबादला उल्टाडांगा महिला पुलिस थाने में कर दिया गया है. उन्हें शनिवार (2 मई) को ही गौतम दास के निलंबन के बाद इस पद पर तैनात किया गया था. मतगणना से ठीक पहले एक महिला अधिकारी को हटाकर बलाई बाग को कमान सौंपना पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है. बलाई बाग को निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी देरी के कार्यभार संभालें.
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गौतम दास के ‘बंदूक वाले स्टेटस’ से शुरू हुआ विवाद
कालीघाट थाने में बदलाव का यह सिलसिला 2 मई को शुरू हुआ, जब तत्कालीन ओसी गौतम दास को निलंबित कर दिया गया था. तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि दास ने वर्दी में हथियार लहराते हुए सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट की थी. कैप्शन लिखा था- नयी जिम्मेदारी के लिए तैयार. इसे सेवा नियमों का उल्लंघन मानते हुए आयोग के निर्देश पर उन्हें पद से हटा दिया गया था.
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बंगाल में मतगणना से पहले कालीघाट क्यों है संवेदनशील?
कालीघाट इलाका न केवल मुख्यमंत्री का निवास स्थान है, बल्कि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा भी है. भवानीपुर में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है. सोमवार सुबह 8 बजे से होने वाली मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. यही कारण है कि अनुभव और स्थानीय समीकरणों को देखते हुए बलाई बाग को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गयी है.
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