मतगणना से पहले बदला कालीघाट का थाना प्रभारी, 48 घंटे में दूसरा तबादला, चमेली की छुट्टी, बलाई को कमान

Kalighat Police Station New OC: कालीघाट पुलिस थाने में 48 घंटे के भीतर दूसरा ओसी बदला गया है. गौतम दास के सस्पेंशन और चमेली मुखोपाध्याय के ट्रांसफर के बाद अब बलाई बाग नये प्रभारी बनाये गये हैं. जानें बंगाल चुनाव के नतीजों से पहले का यह बड़ा अपडेट.

Kalighat Police Station New OC: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र कालीघाट में प्रशासनिक उथल-पुथल मच गयी है. कोलकाता पुलिस ने रविवार को एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए कालीघाट पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी (OC) को फिर से बदल दिया है.

24 घंटे के भीतर हटायी गयीं चमेली मुखोपाध्याय

महज 2 दिनों के भीतर इस महत्वपूर्ण थाने को दूसरा नया ओसी मिला है. भांगड़ डिवीजन के पोलरहाट थाने के अतिरिक्त प्रभारी अधिकारी बलाई बाग को तत्काल प्रभाव से कालीघाट का नया ओसी नियुक्त किया गया है. उन्होंने चमेली मुखोपाध्याय की जगह ली है, जिन्हें पद संभालने के मात्र 24 घंटे के भीतर ही हटा दिया गया.

Kalighat Police Station New OC: क्यों बदली गयीं चमेली?

कोलकाता पुलिस प्रमुख अजय नंदा के हस्ताक्षर से जारी आदेश के अनुसार, चमेली मुखोपाध्याय का तबादला उल्टाडांगा महिला पुलिस थाने में कर दिया गया है. उन्हें शनिवार (2 मई) को ही गौतम दास के निलंबन के बाद इस पद पर तैनात किया गया था. मतगणना से ठीक पहले एक महिला अधिकारी को हटाकर बलाई बाग को कमान सौंपना पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है. बलाई बाग को निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी देरी के कार्यभार संभालें.

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गौतम दास के ‘बंदूक वाले स्टेटस’ से शुरू हुआ विवाद

कालीघाट थाने में बदलाव का यह सिलसिला 2 मई को शुरू हुआ, जब तत्कालीन ओसी गौतम दास को निलंबित कर दिया गया था. तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि दास ने वर्दी में हथियार लहराते हुए सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट की थी. कैप्शन लिखा था- नयी जिम्मेदारी के लिए तैयार. इसे सेवा नियमों का उल्लंघन मानते हुए आयोग के निर्देश पर उन्हें पद से हटा दिया गया था.

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बंगाल में मतगणना से पहले कालीघाट क्यों है संवेदनशील?

कालीघाट इलाका न केवल मुख्यमंत्री का निवास स्थान है, बल्कि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा भी है. भवानीपुर में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है. सोमवार सुबह 8 बजे से होने वाली मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. यही कारण है कि अनुभव और स्थानीय समीकरणों को देखते हुए बलाई बाग को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गयी है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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