जादवपुर हिंसा की जांच के लिए बनी समिति के प्रमुख प्रो शुभ शंकर सरकार का इस्तीफा, कहा- नहीं हो सकती निष्पक्ष जांच

Jadavpur University Violence: जादवपुर विश्वविद्यालय में वामपंथी और ABVP छात्रों के बीच हुई झड़प की जांच के लिए बनी समिति के प्रमुख प्रो शुभ शंकर सरकार ने इस्तीफा दे दिया है. पढ़ें अंदरूनी विवाद की पूरी रिपोर्ट.

Jadavpur University Violence: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के जादवपुर विश्वविद्यालय (Jadavpur University) कैंपस में हुई हिंसक झड़प की जांच के लिए गठित 5 सदस्यीय समिति के प्रमुख प्रो शुभ शंकर सरकार ने इस्तीफा दे दिया है. 20 अगस्त को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी छात्र संगठनों (SFI व FETSU) के बीच हुई तीखी झड़प और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद यह समिति बनायी गयी थी. प्रो सरकार (नेताजी सुभाष मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति) ने कार्यवाहक कुलपति प्रो चिरंजीब भट्टाचार्य को ई-मेल भेजकर जांच का नेतृत्व करने में अपनी असमर्थता जाहिर कर दी.

इस्तीफे के 3 मुख्य कारण और अंदरूनी घमासान : सरकार

प्रो शुभ शंकर सरकार ने अपने इस्तीफे में कहा है कि वे इस समय दिल्ली में हैं. जादवपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें ऑनलाइन मोड में बयान दर्ज करने और सुनवाई करने का सुझाव दिया था. प्रो सरकार का मानना है कि कोलकाता में हुई इतनी गंभीर और संवेदनशील घटना की जांच ऑनलाइन वार्तालाप से निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से नहीं की जा सकती.

शिक्षकों के संगठन ने प्रो सरकार की नियुक्ति पर उठाये सवाल

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संबद्ध शिक्षकों के संगठन अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने प्रो सरकार की नियुक्ति पर सवाल उठाये थे. संगठन ने कुलपति को पत्र लिखकर याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अदालती मामलों के बाद उन्हें जनवरी 2022 में अध्यक्ष पद से हटाया गया था. इसलिए वे इस मामले की जांच के लिए सही व्यक्ति नहीं हैं.

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नया अध्यक्ष चुनने की कोशिशें शुरू

जादवपुर विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलसचिव सलीम बॉक्स मंडल ने पुष्टि की है कि जल्द ही जांच समिति के नये अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जायेगी, ताकि रिपोर्ट समय पर सौंपी जा सके.

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विश्वविद्यालय परिसर में क्यों हुआ था बवाल?

20 अगस्त को इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय छात्र संघ (FETSU) की बैठक के दौरान ABVP और वामपंथी छात्र कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बाहरी गुंडों को परिसर में लाने, मारपीट करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था. इसके विरोध में छात्रों और शिक्षकों के नागरिक प्रदर्शन के बाद 21 अगस्त को इस जांच समिति का गठन हुआ था.


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By मिथिलेश झा

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