IPS कोटेश्वर राव समेत 5 पुलिस अधिकारी सस्पेंड, कृष्णनगर लाठीचार्ज की न्यायिक जांच के आदेश

पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार के शासनकाल के कई विवादित मामलों में बड़ी कार्रवाई हुई है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में आईपीएस अधिकारी कोटेश्वर राव समेत 5 पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की घोषणा की है. कृष्णनगर लाठीचार्ज की न्यायिक जांच के आदेश भी दिये गये हैं.

कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शासनकाल में हुए कई विवादित मामलों में कार्रवाई करते हुए आईपीएस अधिकारी कोटेश्वर राव समेत 5 पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की घोषणा की.

उत्तर दिनाजपुर, नदिया और दक्षिण 24 परगना जिले में हुई घटनाओं पर कार्रवाई

इनमें उत्तर दिनाजपुर जिले के कालियागंज में छात्रा से दुष्कर्म व नृशंस हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन में शामिल मृत्युंजय बर्मन की गोली मारकर हुई हत्या, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी दिवंगत पंकज दत्त के कथित पुलिस उत्पीड़न, नदिया जिले के कृष्णनगर में जगद्धात्री पूजा विसर्जन के दौरान लाठीचार्ज और दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्वीप के सूर्यनगर में मां काली की प्रतिमा को प्रिजन वैन में ले जाने की घटना शामिल है.

टीएमसी सरकार ने पुलिस का दुरुपयोग किया

मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि तृणमूल सरकार के कार्यकाल में कई जगह पुलिस का दुरुपयोग किया गया. जिन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होगी. मुख्यमंत्री ने कहा- मुझ पर भरोसा रखें. सभी मामलों में कार्रवाई की जायेगी. अन्याय के खिलाफ सरकार कठोर से कठोर कदम उठायेगी.

ये भी पढ़ें: धर्मतला हिंसा में 7 FIR दर्ज, शुभेंदु अधिकारी बोले - ऐसी सजा देंगे कि 3 पीढ़ियां नहीं भूलेंगी

1. मां काली की प्रतिमा को प्रिजन वैन में ले जाया गया थाने

काकद्वीप के सूर्यनगर में मां काली की प्रतिमा तोड़े जाने के विरोध में स्थानीय लोगों के प्रदर्शन के दौरान सुंदरबन के तत्कालीन एसपी कोटेश्वर राव के नेतृत्व में लोगों पर लाठीचार्ज हुआ था. लोगों पर बर्बरता से लाठीचार्ज करने के बाद मां काली की प्रतिमा को प्रिजन वैन में रखकर थाने ले जाया गया था. काकद्वीप में मां काली की प्रतिमा को प्रिजन वैन में ले जाना सनातन धर्म की आस्था पर आघात था.

2. कालियागंज में मृत्युंजय बर्मन को पुलिस ने गोली मारी

कालियागंज में एक छात्रा की हत्या के बाद स्थानीय लोगों ने आरोपित को कड़ी सजा देने की मांग करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था. आंदोलन में शामिल होने के कारण पुलिस की टीम रात करीब 2 बजे मृत्युंजय बर्मन के घर पहुंची और दरवाजा खोलने पर उन्हें गोली मार दी. इस मामले में कालियागंज थाने के एएसआई मोयाज्जेम हुसैन को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिये गये हैं.

3. पूर्व आईपीएस अधिकारी पंकज दत्त को किया प्रताड़ित

पूर्व आईपीएस अधिकारी पंकज दत्त की मौत का मामला उठाते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उन्हें कोलकाता के बड़तला थाने में कई बार बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था. उन्होंने इस मामले में आईओ (जांच अधिकारी) साधन दास और बड़तला थाने के तत्कालीन थानेदार इंस्पेक्टर सुबर्ण दत्त चौधरी को निलंबित करने की घोषणा की. चौधरी फिलहाल कोलकाता पुलिस के स्पेशल ब्रांच में तैनात हैं.

4. जगद्धात्री पूजा विसर्जन में लाठीचार्ज करने वाले अमलेंदु विश्वास निलंबित

नदिया जिले के कृष्णनगर में पिछले वर्ष जगद्धात्री पूजा विसर्जन के दौरान हुए विवाद का भी मुख्यमंत्री ने विधानसभा में उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इस दौरान पुलिस पर स्थानीय लोगों पर लाठीचार्ज करने और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लगे थे. मामले में ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर अमलेंदु विश्वास को निलंबित करने का आदेश दिया गया है. साथ ही घटना की न्यायिक जांच के निर्देश दिये गये हैं.

ये भी पढ़ें: सेबाश्रय घोटाले पर CM शुभेंदु अधिकारी- चिटिंगबाज भाईपो एक बार जेल गया तो बाहर नहीं निकलेगा, CID-STF जांच के आदेश दिये


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >