सीएमओ की मंजूरी के बिना समारोह में नहीं जायेंगे मंत्री

राज्य सरकार ने अपने मंत्रियों के लिए नया दिशानिर्देश जारी किया है. इसके तहत अब राज्य के किसी भी मंत्री को किसी समारोह में शामिल होने से पहले इसकी सूचना मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को देनी होगी. सीएमओ की अनुमति मिलने के बाद ही मंत्री किसी कार्यक्रम में शामिल होंगे. यह निर्देश मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जारी किया है.

कोलकाता.

राज्य सरकार ने अपने मंत्रियों के लिए नया दिशानिर्देश जारी किया है. इसके तहत अब राज्य के किसी भी मंत्री को किसी समारोह में शामिल होने से पहले इसकी सूचना मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को देनी होगी. सीएमओ की अनुमति मिलने के बाद ही मंत्री किसी कार्यक्रम में शामिल होंगे. यह निर्देश मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जारी किया है.

बताया गया है कि सीएमओ पहले यह देखेगा कि मंत्रियों को किस समारोह व कार्यक्रम में शामिल होना है या कहां उनकी उपस्थिति जरूरी है. इसके बाद ही अनुमति दी जायेगी. 2025 की शुरुआत से मंत्रियों को इस निर्देश का सख्ती से पालन करना होगा.

नवान्न सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में राज्य के एक वरिष्ठ मंत्री के एक कार्यक्रम में जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. मंच पर एक शख्स ने मंत्री का स्वागत किया, जिस पर पार्टी के भीतर सवाल उठने लगे. क्योंकि उक्त व्यक्ति के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं. स्वागत की कई तस्वीरें भी सामने आयी थीं. यह बात मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कानों तक भी पहुंची. इसके बाद सीएम ने कैबिनेट की बैठक में मंत्री और उनके सहयोगियों को बिना नाम लिए चेतावनी भी दी थी.

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कोई मंत्री कहां जा रहा है और किस कार्यक्रम में भाग ले रहा है, इसकी जानकारी उनके कार्यालय को पहले से होनी चाहिए. यह भी जानकारी दी गयी है कि यह निर्देश नये साल से सख्ती से लागू होगा.

नये साल की शुरुआत से अपने संगठन पर मजबूती से नियंत्रण करना चाहती है तृणमूल कांग्रेस

गौरतलब है कि नये साल की शुरुआत से ही तृणमूल कांग्रेस अपने संगठन पर मजबूती से नियंत्रण करना चाहती हैं, ताकि विधानसभा चुनाव से पहले कोई असहज स्थिति पैदा न हो. इसलिए मुख्यमंत्री ने कैबिनेट की बैठक में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी. हाल ही में तृणमूल राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा था कि अगर किसी भी स्तर का नेता पार्टी के खिलाफ कुछ भी करेगा, तो उसे शोकाॅज किया जायेगा. अगर किसी नेता को लगातार तीन बार कारण बताओ नोटिस मिला, तो उसे पार्टी से बाहर कर दिया जायेगा.

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By Prabhat Khabar News Desk

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