भारतीय रेलवे के 3 नेशनल कॉरिडोर का जंक्शन बनेगा हावड़ा स्टेशन, जानें क्या है मेगा-प्लान

Indian Railways Upgrade: भारतीय रेलवे एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहा है. इसके तहत 7 सबसे व्यस्त रेल रूटों को 4-लेन में बदला जायेगा. कोलकाता का हावड़ा जंक्शन इस मेगा प्लान का केंद्रबिंदु बनेगा, जो दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा.

Indian Railways Upgrade: भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे के कायाकल्प और क्षमता विस्तार के अभियान में पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और उसका प्रमुख स्टेशन रेल नेटवर्क का केंद्रबिंदु बनने जा रहा है. रेलवे के इस मेगा प्लान के तहत देश के लगभग 11,000 किलोमीटर लंबे 7 सबसे व्यस्त (High-Density) रेल रूटों को 4-लेन (Four-Laning) में बदला जायेगा. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि इन सभी रूटों पर अतिरिक्त रेल लाइनें बिछायी जायेंगी. इससे अधिक यात्री और मालगाड़ी चलाना संभव हो सकेगा.

41 फीसदी बोझ उठाते हैं 7 हाई-डेंसिटी रूट

ये 7 हाई-डेंसिटी रूट भारतीय रेल नेटवर्क का कुल 16 प्रतिशत हिस्सा हैं, लेकिन वर्तमान में देश के कुल रेल यातायात (यात्री और माल ढुलाई) का लगभग 41 प्रतिशत बोझ यही रूट उठाते हैं. इस महत्वाकांक्षी परियोजना में हावड़ा जंक्शन (Howrah Junction) की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है.

भारत के 7 अति व्यस्त रूट | Seven High-Density Rail Routes

  1. दिल्ली-हावड़ा
  2. हावड़ा-चेन्नई
  3. चेन्नई-मुंबई
  4. मुंबई-दिल्ली
  5. दिल्ली-चेन्नई
  6. मुंबई-हावड़ा
  7. दिल्ली-गुवाहाटी

ये भी पढ़ें: रेलवे ट्रैक पर रील बनाने और स्टंट करनेवालों पर सख्ती, 3 महीने में 6608 लोगों पर जुर्माना, 853 अरेस्ट

बंगाल के लिए क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?

हावड़ा जंक्शन देश के 3 सबसे प्रमुख और व्यस्ततम हाई-डेंसिटी रेल गलियारों (High-Density Corridors) के चौराहे पर है. फोर-लेनिंग प्रोजेक्ट से बंगाल को सीधा कनेक्टिविटी और क्षमता विस्तार का लाभ मिलेगा.

  1. दिल्ली–हावड़ा कॉरिडोर (Delhi–Howrah Corridor): यह कॉरिडोर लगभग 1,400 किलोमीटर लंबा है. इस सिंगल रूट पर रोजाना 120 से अधिक पैसेंजर ट्रेनें और करीब 100 गुड्स ट्रेनें (मालगाड़ियां) चलती हैं.
  2. हावड़ा–चेन्नई कॉरिडोर (Howrah–Chennai Corridor): यह रूट लगभग 1,653 किलोमीटर लंबा है, जो पूर्वी और दक्षिणी भारत को जोड़ता है.
  3. मुंबई–हावड़ा कॉरिडोर (Mumbai–Howrah Corridor): देश की आर्थिक राजधानी और पूर्व के प्रवेश द्वार को जोड़ने वाला यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है.

ये भी पढ़ें: सियालदह स्टेशन पर 7 घंटे का ट्रैफिक ब्लॉक लेगा रेलवे, 5 ट्रेनों को किया गया रद्द, यहां देखें लिस्ट

ट्रेनों के साथ विकास की भी बढ़ेगी रफ्तार

इन तीनों कॉरिडोर के 4-लेन होने से यात्री ट्रेनों की गति में इजाफा होगा. ट्रेन लेट होने की समस्या से भी निजात मिलेगी. इतना ही नहीं, माल ढुलाई की क्षमता में भारी वृद्धि होने से व्यापारिक गतिविधियों को नयी रफ्तार मिलेगी.

ये भी पढ़ें: हावड़ा में 60 घंटे का मेगा ब्लॉक : आज ही जान लें न्यू कॉम्प्लेक्स से चलने वाली 53 ट्रेनें कहां से चलेंगीं

दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई रूट पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक

दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त सेक्शन हैं. इन दोनों ही रूटों पर एक्सप्रेस ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक है. दिल्ली-मुंबई रूट पर 90 से अधिक पैसेंजर ट्रेनें और करीब 80-85 मालगाड़ी हर दिन चलती हैं. इस कॉरिडोर की लंबाई करीब 1500 किलोमीटर है.

ये भी पढ़ें: रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! हावड़ा-पटना वंदे भारत को मिला नया स्टॉपेज, जानें अब कहां-कहां रुकेगी सेमी हाई स्पीड ट्रेन


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >