I-PAC Case: ममता बनर्जी का व्यवहार सही या गलत, कपिल सिब्बल की जजों के साथ तीखी बहस

I-PAC Case: सुप्रीम कोर्ट में आज बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के व्यवहार को लेकर सुनवाई हुई. ममता के वकील ने कोर्ट में साफ शब्दों में कहा कि ममता के खिलाफ यह मुकदमा करने का हक ईडी को नहीं है.

I-PAC Case: कोलकाता/नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में आईपीएसी मामले की सुनवाई चल रही है. सुप्रीम कोर्ट में एआईपीएसी मामले की सुनवाई के दौरान वकील कपिल सिबल की जजों के साथ तीखी बहस हुई. मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वकील कपिल सिबल ने सवाल उठाया कि ईडी संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत मामला कैसे दर्ज करती है. इसी दौरान सिबल और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा के बीच तीखी बहस हुई.

कैसे होगी न्याय की उम्मीद

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा ने कपिल सिबल से कहा- आप कह रहे हैं कि ईडी की जांच के दौरान मुख्यमंत्री जबरन तलाशी स्थल में घुस गयीं. ऐसे में उनके खिलाफ शिकायत मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले राज्य प्रशासन के पास जाएगी. शिकायत कर्ता न्याय की उम्मीद ऐसे में कैसे करेंगे. यह एक तथ्य है कि मुख्यमंत्री जबरन तलाशी स्थल में घुस गयी थी और हम इस तथ्य से अलग नहीं हो सकते.

हमें गलत न समझें- जज

न्यायाधीश की अंतिम टिप्पणी का विरोध करते हुए सिबल ने कहा- यह तथ्य नहीं है. यह एक आरोप है. आप मान रहे हैं कि मुख्यमंत्री ने कोई अपराध किया है. इसके बाद न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा- हम कोई अनुमान नहीं लगा रहे हैं. हमें गलत न समझें. कोई भी आरोप किसी न किसी तथ्य पर आधारित होता है. अगर इस मामले में कोई तथ्य नहीं हैं, तो इस मामले की जांच की कोई जरूरत नहीं है. वे सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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