हावड़ा से कुंदन झा की रिपोर्ट
राज्य में नयी सरकार बनने के बाद उद्योग को बढ़ावा देने और उद्योगपतियों की सहूलियत के लिए कई कदम उठाये जा रहे हैं. राज्य सरकार नयी भूमि नीति, सिंगल-विंडो सिस्टम और कानून-व्यवस्था में सुधार के जरिये व्यवसायियों को राहत देने का भरसक प्रयास कर रही है. इसी क्रम में राज्य सरकार ने हावड़ा स्टेशन के पास स्थित हावड़ा होलसेल फिश मार्केट के कायाकल्प का फैसला लिया है. 175 करोड़ रुपये की लागत से पूरे मछली बाजार का नवीनीकरण किया जायेगा. योजना पूरी होने के बाद यह बाजार कई आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा.
आठ बीघा जमीन में फैला है बाजार
मार्केट के नवीनीकरण के लिए 175 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है. इस पूरी राशि को कुल 37 श्रेणियों में बांटा गया है. काम कब से शुरू होगा, इस बारे में अब तक अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. हालांकि, उम्मीद जतायी जा रही है कि अगले साल के मध्य में काम शुरू होगा. हावड़ा होलसेल फिश मार्केट हावड़ा स्टेशन के समीप आठ बीघा जमीन पर स्थित है. बताया जाता है कि यह भारत का सबसे बड़ा मछली बाजार है. यह मार्केट केएमडीए की जमीन पर है. देश-विदेश से मछलियां सड़क मार्ग से यहां पहुंचती हैं. बाजार में कुल 250 स्टॉल हैं. मार्केट की साफ-सफाई की जिम्मेदारी यहां के व्यवसायियों पर है.
डीएम और अधिकारियों के साथ हुई बैठक
जानकारी के अनुसार, पिछले दिनों नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट (एनएफडीबी) और नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल (एनपीसी) की टीम यहां पहुंची थी. दोनों विभागों की टीम के सदस्यों ने पूरे मार्केट का जायजा लिया. इसके बाद डीएम डॉ पी दीपाप प्रिया के साथ दो बार बैठक हुई. बैठक में शहरी व नगर विकास मामलों के राज्यमंत्री उमेश राय, केएमडीए के प्रतिनिधि, फिश मार्केट के सचिव सैयद अनवर मकसूद सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए. बताया जा रहा है कि बैठक सफल रही.
'कोल्ड स्टोरेज और आधुनिक सुविधाएं'
जानकारी के अनुसार, 175 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला फिश मार्केट चार मंजिला होगा. दूसरे राज्यों से मछली लेकर आने वाले वाहनों के लिए बेसमेंट में पार्किंग की व्यवस्था होगी. अभी इन वाहनों की पार्किंग सड़क किनारे होती है, जिससे ट्रैफिक पर असर पड़ता है. मार्केट में रोजाना आने वाले ग्राहकों की गाड़ियों के लिए भी अलग से पार्किंग की व्यवस्था होगी. दूसरे राज्यों से आने वाले वाहन चालकों और यहां काम करने वाले श्रमिकों के लिए विश्राम गृह बनाया जायेगा.
मछलियों को रखने के लिए होंगीं तीन तरह की सुविधाएं
सबसे अहम बात यह है कि मछलियों को रखने के लिए तीन तरह की सुविधाएं होंगी. इनमें कोल्ड स्टोरेज, चिल रूम और ब्लास्ट फ्रीजर शामिल हैं. कोल्ड स्टोरेज में मछलियां -18 डिग्री सेंटीग्रेड पर रखी जायेंगी. चिल रूम में मछलियों को शून्य से पांच डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर रखा जायेगा, जबकि ब्लास्ट फ्रीजर में सामान्य तापमान में मछलियां रखी जायेंगी. इसके अलावा बाजार में बैंक और एटीएम की सुविधा होगी. खुदरा ग्राहकों के लिए आइस प्लांट और आइस क्रशर लगाये जायेंगे. इसके अलावा कैंटीन, पावर सप्लाई सिस्टम, मेडिकल रूम और ऑक्शन प्वाइंट भी बनाये जायेंगे.
सीआइएफटी को मिला नवीनीकरण का जिम्मा
जानकारी के अनुसार, मछली बाजार के नवीनीकरण का जिम्मा सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फिशरीज टेक्नोलॉजी (सीआइएफटी) को मिला है. इस संस्थान का प्रधान कार्यालय केरल के कोच्चि में है. पिछले दिनों सीआइएफटी की एक टीम यहां पहुंची थी. टीम ने पूरे मार्केट का जायजा लेने के बाद संबंधित विभाग को रिपोर्ट सौंपी है.
सड़क पर नहीं खड़ी होंगी गाड़ियां
हावड़ा होलसेल फिश मार्केट के सचिव सैयद अनवर मकसूद ने कहा, "नयी सरकार ने मछली बाजार का कायाकल्प करने का फैसला लिया है, यह स्वागत योग्य है. इस संबंध में डीएम के साथ दो बार बैठक हो चुकी है. बैठक में सभी विभागों के पदाधिकारी, मछली व्यवसायी और राज्यमंत्री उमेश राय शामिल थे. नवीनीकरण के बाद यहां वे सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिनसे अभी हमलोग वंचित हैं. सबसे बड़ी राहत इस बात की होगी कि दूसरे राज्यों से आने वाली गाड़ियां सड़क पर खड़ी नहीं रहेंगी और चालकों के लिए विश्राम गृह बनेगा.
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पूर्वी भारत का सबसे अत्याधुनिक मार्केट बनेगा : मंत्री
शहरी व नगर विकास मामलों के राज्यमंत्री उमेश राय ने कहा, "हावड़ा फिश मार्केट पूर्वी भारत का सबसे अत्याधुनिक मार्केट बनेगा. डीएम के साथ दो बार बैठक हो चुकी है. काम कब से शुरू होगा, यह बता पाना अभी संभव नहीं है, लेकिन एक खाका तैयार हो गया है. 175 करोड़ रुपये का बजट बना है. मार्केट के अंदर व्यवसायियों के साथ-साथ यहां काम करने वाले हजारों श्रमिकों के लिए भी सुविधाएं होंगी."
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