कोलकाता. महानगर के ऐतिहासिक एसएस हॉग मार्केट के दुकानदार और व्यवसायी इन दिनों बढ़ती समस्याओं से जूझ रहे हैं. बाजार के व्यापारियों का आरोप है कि मार्केट के आसपास अवैध हॉकरों के कब्जे के कारण उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है, जबकि पुलिस और कोलकाता नगर निगम भी उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं. इसी को लेकर व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे ईद के बाद बाजार बंद कर धरने पर बैठेंगे. एसएस हॉग मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि इस हेरिटेज मार्केट में प्रवेश और निकास के लिए कुल 28 द्वार हैं, लेकिन अधिकांश द्वारों के सामने हॉकरों का अवैध कब्जा है. उन्होंने आरोप लगाया कि हॉकर सरकार के नियमों का उल्लंघन करते हुए मार्केट के बाहर अवैध रूप से कारोबार कर रहे हैं. उनके अनुसार, हॉकरों के कारण मार्केट के आसपास के पार्किंग जोन भी कब्जे में चले गये हैं, जिससे ग्राहकों को बाजार में प्रवेश करने में परेशानी होती है. साथ ही दुकानदारों को सामान अंदर लाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. अशोक कुमार गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि गुरुवार को हॉग मार्केट के एक दुकानदार की हॉकरों ने पिटाई कर दी. उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत दर्ज कराने के लिए व्यापारी स्थानीय थाने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने एफआइआर दर्ज करने के बजाय केवल जनरल डायरी (जीडी) दर्ज की. व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण मार्केट के बाहर अवैध हॉकरों का कब्जा बढ़ता जा रहा है. कई हॉकर सड़क के ब्लैक टॉप पर बैठकर कारोबार कर रहे हैं, जो पूरी तरह अवैध है. फिर भी नगर निगम या टाउन वेंडिंग कमेटी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. व्यापारियों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कोलकाता के मेयर, निगम आयुक्त और कोलकाता पुलिस आयुक्त से भी कई बार शिकायत कर चुके हैं. अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि गुरुवार की घटना के संबंध में फिर से निगम को जानकारी दी जायेगी. यदि इसके बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो व्यापारी ईद के बाद बाजार बंद कर धरने पर बैठेंगे. वर्तमान स्थिति को लेकर शुक्रवार को बाजार परिसर में एसएस हॉग मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन की ओर से एक बैठक भी आयोजित की गयी.
हॉग मार्केट के व्यापारी ईद के बाद धरने की तैयारी में
अवैध हॉकरों के कब्जे व प्रशासनिक उदासीनता से हैं नाराज
