कोरोना को लेकर सरकारी अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग ने किया अलर्ट

राज्य में कोरोना पीड़ितों की संख्या बढ़ कर 11 हुई, कोविड जांच में तेजी लाने का निर्देश

राज्य में कोरोना पीड़ितों की संख्या बढ़ कर 11 हुई, कोविड जांच में तेजी लाने का निर्देश

सरकारी अस्पतालों को जांच किट उपलब्ध करायेगा स्वास्थ्य विभाग

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में भी कोरोना चिंता बढ़ा रही है. राज्य में पिछले सप्ताह ग्यारह लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये थे. इनमें से छह लोगों का बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है. एक अन्य व्यक्ति को दक्षिण कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इससे पहले राज्य में और चार लोग कोरोना पॉजिटिव हुए थे. अधिकांश संक्रमितों में सर्दी-जुकाम और सांस संबंधी समस्याएं देखी गयी हैं. फिलहाल उक्त सभी छह संक्रमित आइसोलेशन वार्ड में हैं. उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने पर ऑक्सीजन दी जा रही है. हालांकि, अस्पताल सूत्रों के अनुसार, पीड़ितों में से कोई भी गंभीर रूप से बीमार नहीं है. इस बीच राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी मेडिकल कॉलेज व जिला स्तर के अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है. सूत्रों के अनुसार वर्ष 2022 के बाद राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में कोविड जांच नहीं हो रही हैं. कई ऐसे मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल हैं, जहां जांच किट उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में राज्य के स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन सभी अस्पतालों में कोविड जांच किट भी उपलब्ध कराया गया है. साथ ही अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि सर्दी, खांसी व बुखार के साथ पहुंचने वाले मरीजों की आवश्यकता के अनुसार कोरोना जांच की जाये. इसके साथ ही आइसोलेशन वार्ड की भी व्यवस्था किये जाने का निर्देश दिया गया है. ज्ञात हो कि, 2020 से 2022 तक पूरी दुनिया ने दो साल तक कोरोना का भयानक कहर देखा गया था. तीन साल बाद फिर कोरोना का खतरा मंडरा रहा है. इस बार भारत में भी कोरोना संक्रमण की दर में बढ़ोतरी देखी जा रही है. क्या कहते हैं चिकित्सक: : विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में कोरोना जांच को तेज करना होगा. इसके साथ ही कोरोना संबंधी विशिष्ट दिशा-निर्देश भी निर्धारित किये जाने की आवश्यकता है. प्रो डॉ उच्छल भद्र का कहना है कि कोरोना की वर्तमान स्थिति चिंताजनक नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है.

प्रो डॉ मानस गुमंटा कहते हैं संक्रमण बना रहेगा. हम चेचक या पोलियो वायरस को भी पूरी तरह से खत्म नहीं कर पाये हैं, इसलिए यह भी बना रहेगा. यह साल दर साल वापस आयेगा. हम सभी को टीके लगे हैं. शायद हममें से हर किसी को तीन टीके लगे हैं. इसलिए जिन लोगों को टीके लगे हैं, उन्हें डरने की कोई ज़रूरत नहीं है.

प्रो डॉ प्रभास प्रसून गिरि ने भी कहा- कोविड रहेगा. नये-नये वैरिएंट आयेंगे. हो सकता है कि इससे साल भर कुछ बीमारियां हो सकती हैं. हो सकता है कि कभी-कभी थोड़ा बहुत क्लस्टरिंग भी हो जाये. अगर सालों तक ऐसे ही कोविड होता रहा, अगर ऐसा देखा गया कि कोविड की वजह से कुछ मौतें होती हैं, तो क्या हमें हर साल नियमित रूप से कोविड वैक्सीन लेनी होगी? या हमें कोई नयी कोविड वैक्सीन लेनी चाहिए, जो लंबे समय तक, 5-6-8 साल तक मजबूत इम्युनिटी दे सके? हमें ये दो बातें ध्यान में रखनी होंगी. इसके साथ ही, हमें यह भी सोचना होगा कि क्या कोई बड़ी बीमारी है, जिसकी वजह से मृत्यु दर बढ़ रही है, क्योंकि यह एक वायरस है. क्या हमें इसके खिलाफ किसी एंटी-वायरस, किसी दवा की जरूरत होगी? अगर हां, तो वह क्या है ?

राज्य में कब-कब मिले संक्रमित मरीज

राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस महीने की शुरुआत में अलीपुर के वुडलैंड्स अस्पताल में एक महिला को सांस लेने में तकलीफ और अन्य समस्याओं के साथ भर्ती कराया गया था. जांच में पता चला कि वह कोविड-19 से संक्रमित थी. कोरोना वायरस मरीज को एक सप्ताह तक आइसोलेशन में रखने के बाद छुट्टी दे दी गयी. दूसरी ओर दक्षिण 24 परगना के मगराहाट से भी कोविड के दो मरीज मिल चुके हैं. एक बीस वर्षीय महिला और एक किशोर को कोविड संक्रमित पाया गया है. दोनों की चिकित्सा डायमंड हार्बर अस्पताल में चल रही है. दोनों के स्वाब के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गये थे. रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव आयी है. अधिकारी दोनों पीड़ितों की शारीरिक स्थिति पर नजर रख रहे हैं. डायमंड हार्बर स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों को संक्रमण के बारे में सूचित कर दिया गया है. मगराहाट क्षेत्र पर निगरानी बढ़ा दी गयी है. वहीं गत दिनों एक संक्रमित व्यक्ति कंकुरगाछी स्थित नर्सिंग होम में भर्ती है. ऐसे में राज्य में अब तक चार लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं.इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़ रही है. इस बीच डॉक्टरों का कहना है कि दक्षिण पूर्व एशिया में कोरोना वायरस का प्रकोप फिर से बढ़ रहा है. इस बार कोरोना का जो स्ट्रेन फैल रहा है, वह ओमिक्रॉन उप-प्रजाति जेएन.1 (JN.1) है.

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Published by: Sandip tiwari

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