सत्ता में आये, तो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार दिवस 200 दिन

आवास योजना के तहत भी राशि बढ़ाने का वादा

आवास योजना के तहत भी राशि बढ़ाने का वादा

कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि अगर आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता में आती है तो केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 100 दिन की गारंटीकृत ग्रामीण रोजगार योजना को दोगुना करके 200 दिन कर देगी.

शुभेंदु अधिकारी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए, लोगों से अपने जॉब कार्ड को सुरक्षित रखने का आग्रह किया और दावा किया कि भाजपा ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का विस्तार उसके वर्तमान दायरे से आगे करेगी. अधिकारी ने कहा कि अपने रोजगार कार्ड संभालकर रखें. भाजपा के सत्ता में आने के बाद, हम ग्रामीण रोजगार की 100 दिनों की गारंटी को दोगुना करके 200 दिन कर देंगे. दिसंबर 2025 में, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पूर्ववर्ती मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के स्थान पर नया ‘विकसित भारत- जी राम जी विधेयक’ पारित किया. नये कानून में 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के काम की गारंटी दी गयी है, रोजगार को बुनियादी ढांचे के साथ एकीकृत किया गया है और 40 प्रतिशत वित्तपोषण की जिम्मेदारी राज्यों पर डाली गयी. इससे संसद के अंदर और बाहर इसके प्रभाव और वित्तपोषण संरचना को लेकर व्यापक बहस छिड़ गयी है. अधिकारी ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस केंद्र सरकार पर झूठे आरोप लगा रही है कि उसने राज्य को आवास और मनरेगा योजनाओं के लिए धनराशि नहीं दी.

उन्होंने आरोप लगाया कि इनके लिए दी गयी धनराशि को अनधिकृत लाभार्थियों ने हड़प लिया. उन्होंने कहा कि राज्य की आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए ममता बनर्जी सरकार द्वारा निर्धारित 1.20 लाख रुपये बढ़ती सामग्री लागत के मद्देनजर पर्याप्त नहीं है. यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी, तो लाभार्थियों के प्रत्येक मकान के लिए तीन लाख रुपये दिये जायेंगे.

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By SANDIP TIWARI

SANDIP TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

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