ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर शुभेंदु ने आयोग के चेयरमैन को सौंपा ज्ञापन

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन हंसराज गंगाराम अहीर से मुलाकात कर उन्हें राज्य में ओबीसी आरक्षण सूची में गड़बड़ी की शिकायत करते हुए ज्ञापन सौंपा.

कोलकाता.

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन हंसराज गंगाराम अहीर से मुलाकात कर उन्हें राज्य में ओबीसी आरक्षण सूची में गड़बड़ी की शिकायत करते हुए ज्ञापन सौंपा. गुरुवार को विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा के अन्य विधायक शंकर घोष, सत्येंद्र नाथ रे और बनेश्वर महतो के साथ राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन हंसराज गंगाराम अहीर से मुलाकात की. इस संबंध में श्री अधिकारी ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन काे पश्चिम बंगाल में ओबीसी आरक्षण सूची के संबंध में ममता बनर्जी सरकार की गड़बड़ियों को उजागर करते हुए एक विस्तृत पत्र पेश किया है. उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार केवल धर्म के आधार पर मुस्लिम वर्गों को अवैध रूप से सूची में शामिल कर रही है, जो संवैधानिक मानदंडों और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है. ये प्रयास वोट बैंक की राजनीति के लिए सत्ता का स्पष्ट दुरुपयोग हैं. उन्होंने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से इस मामले में हस्तक्षेप करने और न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह किया. वहीं, विपक्ष के नेता ने राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस को भी पत्र लिखा है. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स के माध्यम से कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में, उन्होंने ममता बनर्जी सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) ढांचे के ज़बरदस्त दुरुपयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त की है. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राज्य की ओबीसी सूची से 75 मुस्लिम ओबीसी समुदायों को केवल धार्मिक मानदंडों के आधार पर शामिल किये जाने के कारण रद्द कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद, राज्य सरकार अब उन्हीं समुदायों को ईडब्ल्यूएस लाभों के लिए आवेदन करने की अनुमति दे रही है. यह न्यायिक प्राधिकार का सीधा अपमान है और कानून को दरकिनार करने का एक शर्मनाक प्रयास है.

यह न केवल संवैधानिक मानदंडों का उल्लंघन है, बल्कि पश्चिम बंगाल के लोगों के साथ एक धोखा भी है, जिसमें ईडब्ल्यूएस लाभों के हकदार सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों को दरकिनार किया जा रहा है. श्री अधिकारी ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में राज्यपाल को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है.

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Published by: Bijay kumar

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