मादक उत्पादों पर कर वृद्धि से राज्य सरकार का बढ़ेगा राजस्व

बीएआइ के महानिदेशक विनोद गिरि ने कहा कि बीयर पर कर नहीं बढ़ाने का निर्णय स्वागत योग्य है, क्योंकि वास्तविक रूप से बीयर पर पहले से ही स्पिरिट्स की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक कर लगता है.

कोलकाता. राज्य सरकार ने हाल ही में मादक उत्पादों के करों में वृद्धि करने का फैसला किया है. एक दिसंबर से मादक पेय पदार्थों के उत्पाद शुल्क में दो से चार प्रतिशत की वृद्धि होगी. पश्चिम बंगाल सरकार के इस फैसले का ब्रुअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआइ) ने स्वागत किया है. इस संबंध में बीएआइ के महानिदेशक विनाेद गिरि ने कहा कि इस कदम से राज्य सरकार को अनुमानित 600-700 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं, जिससे जीएसटी दरों में हालिया कटौती के कारण होने वाली लगभग 500 करोड़ रुपये की कमी को पूरा किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि इससे पहले उत्पादों की बिक्री में गिरावट नहीं आयेगी. बाजार में कोई विकृति नहीं आयेगी, बल्कि राज्य सरकार को अधिक राजस्व प्राप्त होगा. बीएआइ के महानिदेशक विनोद गिरि ने कहा कि बीयर पर कर नहीं बढ़ाने का निर्णय स्वागत योग्य है, क्योंकि वास्तविक रूप से बीयर पर पहले से ही स्पिरिट्स की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक कर लगता है.

उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर, ज्यादातर सरकारें कम अल्कोहल वाली पेयों पर उच्च अल्कोहल वाली पेयों की तुलना में कम कर लगाती हैं, ताकि जन स्वास्थ्य के बेहतर परिणाम मिल सकें और साथ ही सरकार का राजस्व भी बढ़े.

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Author: GANESH MAHTO

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