आइपीएल के टिकट देने के नाम पर ठग रहे हैं साइबर अपराधी

इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) सीजन 18 का उद्घाटन मैच 22 मार्च को कोलकाता के इडेन गार्डेंस स्टोडियम में खेला जाना है.

फेसबुक व इंस्टाग्राम पर नया अकाउंट बनाकर दे रहे लुभावने ऑफर

गिरीश पार्क इलाके की महिला ने झांसे में आकर गंवाये 12 हजार रुपये

पुलिस के सेंट्रल डिविजन साइबर क्राइम विभाग की टीम ने अकाउंट ब्लॉक कर लौटायी राशि

संवाददाता, कोलकाताइंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) सीजन 18 का उद्घाटन मैच 22 मार्च को कोलकाता के इडेन गार्डेंस स्टोडियम में खेला जाना है. इसके बाद से लगातार दो महीने तक देश के विभिन्न स्टेडियम में टूर्नामेंट के बाकी मैच खेले जायेंगे. इसे लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है. टिकट के लिए मारामारी है. डिमांड ज्यादा होने के कारण मैचों के टिकटों की किल्लत अभी से शुरू हो गयी है. इसी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए अलग-अलग हथकंडा अपना रहे हैं. कोलकाता पुलिस ने इसे लेकर लोगों को समय रहते सतर्क किया है. हाल ही में ठगी का एक मामला सामने आया है. गिरीश पार्क इलाके में रहनेवाली एक महिला इस गिरोह के लुभावने प्रलोभन के चक्कर में पड़कर 12 हजार रुपये गंवा दिये. काफी कोशिश के बाद पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) विभाग के साइबर डिविजन की टीम ठगी के रुपये को वॉलेट में ब्लॉक करने में सफल हो गये. जिसके बाद महिला को उनके पास से की गयी ठगी की राशि को वापस लौटा दिया गया.

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित महिला ने शिकायत में बताया कि वह गिरीश पार्क इलाके में रहती हैं. हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पेज को देखा. जिसमें आइपीएल के किसी भी मैच के टिकटों को काफी कम कीमत पर उपलब्ध कराने की जानकारी दी गयी थी. पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उन्हें उद्घाटन मैच के टिकट की जरूरत थी, लिहाजा उन्होंने वहां दिये गये मोबाइल नंबर पर संपर्क किया. इसके बाद शातिर ठगों ने उनसे टिकटों के बदले 30 प्रतिशत रुपये अग्रिम राशि अकाउंट में जमा करवाने को कहा. पीड़िता ने यह रकम जमा करवा दी. कोलकाता पुलिस से संयुक्त आयुक्त (अपराध) रूपेश कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी सेंट्रल विभाग के साइबर क्राइम विंग ने मामले की जांच कर जिस अकाउंट में रुपये भेजे गये थे, तुरंत उस अकाउंट को ब्लॉक कर दिया गया. इसके बाद उस अकाउंट से पूरे 12 हजार रुपये पीड़िता को वापस लौटा दिये गये. पुलिस ने सोशल मीडिया में फैले ऐसे साइबर ठगों से लोगों को सतर्क रहने का आग्रह किया है.

इमेल भेजकर भरोसा जीतते हैं ठग

पुलिस सूत्र बताते हैं कि, पीड़िता ने शिकायत में बताया कि टिकटों की कीमत की 30 फीसदी राशि पहले चुका दी. इसका कन्फर्मेशन उन्हें इमेल से मिला. इमेल में पीड़िता को टिकटों को उपलब्ध कराने के बारे में जानकारी दी गयी थी. इस जानकारी के बाद उनसे शेष 70 प्रतिशत बकाया राशि भी मांगी गयी. पीड़िता ने यह इमेल मिलने के बाद कुल 12 हजार रुपये जमा करवा दिये. इमेल मिलने के बाद टिकट मिलने की उम्मीद बढ़ गयी थी. पीड़िता का आरोप है कि पूरी रकम मिल जाने के बाद शातिर साइबर ठगों ने सोशल मीडिया में संपर्क करने के सारे अकाउंट में उन्हें ब्लॉक कर दिया. जिसके बाद आरोपियों के साथ संपर्क करने का कोई जरिया उनते पास नहीं बचा. पूरी राशि देने के बावजूद उन्हें एक भी टिकट नहीं मिला. जिसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत गत 15 मार्च को स्थानीय गिरीश पार्क थाने में दर्ज करायी.

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