खड़गपुर से जीतेश बोरकर की रिपोर्ट
पश्चिम मेदिनीपुर जिले में मॉनसून के दौरान बने निम्न दबाव के प्रभाव से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शिलाबती और केलाघाई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. कई इलाकों में नदियों पर बने अस्थायी बांस के पुल तेज जलधारा में बह गये हैं, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है. स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है.
तटबंधों की मरम्मत का कार्य शुरू
प्रशासनिक अधिकारियों ने नदी तटबंधों का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिये हैं. कई स्थानों पर तटबंधों की मरम्मत का कार्य भी शुरू कर दिया गया है, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति से समय रहते निपटा जा सके. यह इलाका हर वर्ष घाटाल क्षेत्र बाढ़ की गंभीर समस्या से जूझता है. बाढ़ के दौरान हजारों घर जलमग्न हो जाते हैं, फसलों को भारी नुकसान पहुंचता है और सड़कें डूब जाने के कारण लोगों का संपर्क टूट जाता है.
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नाव और डोंगी ही एक मात्र सहारा
मॉनसून आने के साथ ही इस इलाके में नाव और डोंगी ही लोगों के आवागमन का एकमात्र सहारा बनती हैं. इसी को देखते हुए इस वर्ष भी संभावित बाढ़ की आशंका के मद्देनजर घाटाल में पहले से ही नावों की व्यवस्था कर ली गयी है. जैसे ही इलाके जलमग्न होंगे, इन नावों को राहत कार्य और लोगों के आवागमन के लिए नदी में उतार दिया जायेगा. जिले के अन्य क्षेत्रों से भी नावों को घाटाल भेजा जा रहा है.
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