फलता में शांतिपूर्ण पुनर्मतदान, सुबह 9 बजे तक पड़े 20.47 प्रतिशत वोट

Falta re-polling : बुजुर्ग मतदाता ने बूथ के बाहर कहा, “10 वर्षों तक चली गुंडागर्दी से जैसे राहत मिली है. पहले डर का माहौल रहता था, लेकिन इस बार लोग बिना भय के वोट दे पा रहे हैं.”

Falta re-polling : कोलकाता. दक्षिण 24 परगना के फलता विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुनर्मतदान जारी है. सुबह से ही बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही है. चुनाव आयोग के मुताबिक सुबह 9 बजे तक करीब 20.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.

शांति से मतदान

भारी सुरक्षा व्यवस्था के कारण इस बार मतदाता खुलकर मतदान करते नजर आये. मतदान के दौरान कई स्थानीय लोगों ने पुराने चुनावों का जिक्र करते हुए दावा किया कि पहले ऐसा माहौल नहीं होता था. एक बुजुर्ग मतदाता ने बूथ के बाहर कहा, “10 वर्षों तक चली गुंडागर्दी से जैसे राहत मिली है. पहले डर का माहौल रहता था, लेकिन इस बार लोग बिना भय के वोट दे पा रहे हैं.”

पहले मिलती थह धमकी

स्थानीय लोगों के एक वर्ग का आरोप है कि पिछले चुनावों में कई बार उन्हें बूथ तक पहुंचने के बावजूद वोट नहीं डालने दिया गया. कुछ लोगों ने दावा किया कि दबाव और धमकी के कारण वे खुलकर मतदान नहीं कर पाते थे. लेकिन इस बार केंद्रीय बलों की मौजूदगी से लोगों में भरोसा बढ़ा है.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

फिर से मतदान का आदेश

गौरतलब है कि 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कई बूथों में कथित अनियमितताओं और ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने पूरे फलता विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान का आदेश दिया था. इसके बाद से यह सीट पूरे राज्य की राजनीति का केंद्र बनी हुई है.

Also Read: बंगाल चुनाव: फाल्टा में अभेद्य सुरक्षा के बीच गुरुवार को पुनर्मतदान, आयोग ने दोगुनी की निगरानी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >