बशीरहाट लोकसभा सीट पर उपचुनाव में देरी क्यों? इलेक्शन कमीशन ने बतायी वजह

चुनाव आयोग ने असम की नौगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा की है, लेकिन पश्चिम बंगाल की बशीरहाट और मेघालय की शिलांग सीटों पर अभी तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है. जानिए इसकी खास वजह.

Lok Sabha By Poll: चुनाव आयोग ने अलग-अलग समय पर खाली हुई असम की नौगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा कर दी. पश्चिम बंगाल की बशीरहाट और मेघालय की शिलांग लोकसभा सीटें भी रिक्त हैं. इन दोनों संसदीय क्षेत्र में उपचुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है. इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) ने मंगलवार को इसकी वजह भी बता दी है.

SIR और चुनावी याचिका की वजह से उपचुनाव में देरी

इलेक्शन कमीशन ने कहा है कि चुनावी याचिका और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के चलते लोकसभा की 2 सीटों पर उपचुनाव में देरी हुई है, जबकि एक अन्य संसदीय सीट पर उपचुनाव की घोषणा की जा चुकी है. आयोग ने बताया है कि पश्चिम बंगाल की बशीरहाट, मेघालय की शिलांग और असम की नौगांव लोकसभा सीटें अलग-अलग तिथियों पर रिक्त हुई थीं.

असम की नौगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को

निर्वाचन आयोग ने सोमवार को नौगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा की, लेकिन अन्य 2 सीटों के लिए कार्यक्रम घोषित नहीं किया. शिलांग और बशीरहाट लोकसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा नहीं किये जाने के कारण के बारे में पूछे जाने पर निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मेघालय में जारी एसआईआर और कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित चुनावी याचिका इसकी मुख्य वजह हैं.

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25 सितंबर 2024 को हुआ बशीरहाट के सांसद का निधन

बशीरहाट सीट से तृणमूल कांग्रेस के एसके नूरुल इस्लाम के निर्वाचन को चुनौती देते हुए चुनावी याचिका दायर की गयी थी. हालांकि, लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के कुछ महीने बाद 25 सितंबर 2024 को उनका निधन हो गया. इसके बावजूद उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका लंबित है.

कोर्ट में लंबित है चुनावी याचिका

चुनाव परिणाम घोषित होने के 45 दिनों के भीतर संबंधित हाईकोर्ट में किसी उम्मीदवार की जीत को चुनौती देते हुए चुनावी याचिका दायर की जा सकती है. आयोग के अधिकारियों ने बताया कि ‘दूसरी गुहार’ वाली एक चुनावी याचिका अभी लंबित है. चुनावी याचिका में दूसरी बार गुहार आमतौर पर याचिकाकर्ता या किसी अन्य उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित करने के लिए की जाती है. पहली गुहार में निर्वाचित उम्मीदवार के निर्वाचन को अमान्य घोषित करने की मांग की जाती है.

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15 फरवरी को हुआ शिलांग के सांसद का निधन

शिलांग लोकसभा सीट 19 फरवरी को वॉयस ऑफ द पीपुल्स पार्टी के सांसद रिकी एंड्रयू सिंगकॉन के निधन के बाद रिक्त हुई थी. आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मेघालय में एसआईआर प्रक्रिया जारी है और अंतिम मतदाता सूची 21 अक्टूबर को प्रकाशित की जायेगी.

प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे से रिक्त हुई थी नौगांव सीट

एकमात्र लोकसभा उपचुनाव असम की नौगांव सीट पर होगा, जो कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी. इस सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा और मतगणना 9 अक्टूबर को की जायेगी.

2024 में जीते थे बोरदोलोई

बोरदोलोई ने वर्ष 2024 में कांग्रेस के टिकट पर नौगांव लोकसभा सीट जीती थी, लेकिन इस साल मार्च में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और असम विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गये. इसके बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया तथा दिसपुर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की.

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