मुख्यमंत्री से नहीं मिलने गये डॉक्टर, कहा : बातचीत का प्रस्ताव अपमानजनक

आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा मंगलवार को दिये गये बातचीत के प्रस्ताव को अपमानजनक करार देते हुए ठुकरा दिया.

बैठक के लिए स्वास्थ्य सचिव ने किया था मेल

संवाददाता, कोलकाता

आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा मंगलवार को दिये गये बातचीत के प्रस्ताव को अपमानजनक करार देते हुए ठुकरा दिया. आरजी कांड के बाद आंदोलन कर रहे जूनियर डॉक्टरों से बैठक करने के लिए उनके प्रतिनिधिमंडल के सिर्फ 10 सदस्याें को राज्य सचिवालय नबान्न आमंत्रित किया गया था, जहां उनकी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ बैठक होनी थी. इस बैठक के लिए स्वास्थ्य विभाग के सचिव नारायण स्वरूप निगम ने जूनियर डॉक्टरों को मेल किया था. लेकिन चिकित्सकों ने यह कहते हुए इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया कि ईमेल की भाषा उन्हें अपमानजनक लगी, इसलिए वे नबान्न नहीं गये.

उधर, मंगलवार शाम को वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने नबान्न में पत्रकारों को बताया कि प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को शाम करीब 6.10 बजे एक मेल भेजा गया था. यह मेल राज्य के स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने भेजा था. मेल भेजने के लिए करीब 80 मिनट तक इंतजार करने के बाद मुख्यमंत्री शाम करीब 7.30 बजे घर लौट गयीं.

आरजी कर कांड को लेकर अब सिर्फ सीएम ही देंगी बयान

मंगलवार को राज्य कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री ने सदस्यों से कहा कि आरजी कर अस्पताल की घटना या डॉक्टरों की हड़ताल के बारे में उन्हें जो भी कहना होगा, अब वह कहेंगी. बैठक के बाद गतिविधियां शुरू हुईं. फिर स्वास्थ्य सचिव के ईमेल से प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को मेल भेजा गया. नबान्न सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री अपने चेंबर में ही बैठ कर प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा करना चाहती थीं. लेकिन एक घंटा से ज्यादा बीत जाने के बाद भी जब आंदोलनकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो मामले की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गयी. शाम 7.30 बजे तक इंतजार करने के बाद आखिरकार सीएम नबान्न से चली गयीं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >