ईडी के रेडार पर आये I-PAC के एक और निदेशक, ऋषिराज सिंह को भी एजेंसी ने किया तलब

I-PAC के खिलाफ वित्तीय भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में कंपनी के तीन निदेशक ईडी की जांच के दायरे में हैं. कंपनी के हर पहलू में निर्णय लेने का उनका अधिकार है. स्वाभाविक रूप से, उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है.

I-PAC : कोलकाता: I-PAC के निदेशकों में से एक ऋषिराज सिंह, ईडी की जांच के दायरे में हैं. इस बार केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने उन्हें तलब किया है. उन्हें दिल्ली स्थित ईडी कार्यालय में पेश होने का आदेश दिया गया है. इससे पहले प्रतीक जैन के भाई और पत्नी को बुलाया गया था. अब ऋषिराज को तलब किया गया है. वे पेश होते हैं या नहीं, इस पर नजर रखी जाएगी. आयोग के सूत्रों के अनुसार, उन्हें वित्तीय भ्रष्टाचार के एक मामले में तलब किया गया है. ईडी ने इसी मामले में विनेश चंदिल को गिरफ्तार किया है.

अब तक तीन निदेशक हो चुके हैं तलब

I-PAC संगठन के खिलाफ वित्तीय भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में संगठन के तीन निदेशक ईडी की जांच के दायरे में हैं. ऋषिराज सिंह भी इनमें से एक हैं. संगठन के हर पहलू में निर्णय लेने का उनका ही हाथ है. स्वाभाविक रूप से, उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है. एक निदेशक, विनेश चंदिल, को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. वे I-PAC के सह-संस्थापक भी हैं. ईडी सूत्रों के अनुसार, उनसे कुछ जानकारी प्राप्त की गई है. उस जानकारी की पुष्टि के लिए ऋषिराज को तलब किया गया है.

रेडार पर प्रतीक जैन और उनका परिवार

इसी बीच, 2 अप्रैल को प्रतीक जैन को दिल्ली बुलाया गया. इसके बाद I-PAC के सह-संस्थापक प्रतीक जैन ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया. उन्होंने कहा कि वे चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, इसलिए वे दिल्ली नहीं बल्कि कोलकाता में पेश होंगे. यह मामला अभी भी लंबित है. अदालत ने जांच जारी रखने का आदेश दिया है. इस स्थिति में, प्रतीक जैन की जगह उनके भाई पुलकित जैन और पत्नी बार्बी को तलब किया गया, लेकिन वे पेश नहीं हुए. इस बीच, तृणमूल ने सवाल उठाए हैं कि प्रतीक जैन के परिवार को जांच के दायरे में क्यों लाया गया.

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ममता ने दिया नौकरी का वादा

इस बीच, पश्चिम बंगाल में मतदाता भर्ती एजेंसी I-PAC के कामकाज को 20 दिनों के लिए बंद किए जाने की खबर को लेकर राज्य की राजनीति में कल से अटकलें शुरू हो गईं. हालांकि, तृणमूल ने इसे निराधार बताया है. ममता बनर्जी ने एक ट्वीट में लिखा- केंद्रीय एजेंसियां ​​हमारी पार्टी के लिए काम करने वाले संगठनों को बंगाल छोड़ने के लिए कह रही हैं. अगर वे डरेंगे तो मेरी पार्टी में शामिल हो जाएंगे. हम उन्हें नौकरियां देंगे, हम किसी भी लड़के को बेरोजगार नहीं रहने देंगे.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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