बिहार के बाद अब दीपांकर की नजर बंगाल पर, 10 सीटों पर माले उतारेगा उम्मीदवार

Dipankar Bhattacharya: पश्चिम बंगाल में माले का कोई खास जनाधार नहीं है. नवंबर 2024 में राज्य की 6 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में माले ने नैहाटी सीट से उम्मीदवार उतारा था. माले के उम्मीदवार देबज्योति मजूमदार कोई खास छाप नहीं छोड़ पाए. उन्हें 7,500 से कुछ अधिक वोट मिले.

Dipankar Bhattacharya: कोलकाता: दीपांकर भट्टाचार्य की सीपीआई (एमएल) लिबरेशन का बिहार और झारखंड की तरह पश्चिम बंगाल में कोई खास जनाधार नहीं है. बिहार विधानसभा चुनाव में माले के शानदार प्रदर्शन से उत्साहित दीपंकर की नजर अब बंगाल पर है. माले इस बार पूरी तैयारी के साथ पश्चित बंगाल में विधानसभा का चुनाव लड़ेगा. माले बंगाल में वाम मोर्चे के साथ गठबंधन में किया है. सोमवार को सीपीआई (एमएल) लिबरेशन की राज्य समिति की बैठक हुई. बैठक में घोषणा की गयी कि माले इस बार 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगा.

वाममोर्चा का हिस्सा होगा माले

पार्टी की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है- हम भाजपा-आरएसएस के फासीवादी आक्रमण के खिलाफ बंगाल में वामपंथ को पुनर्जीवित करने के लिए विधानसभा चुनावों में पूरी ताकत से भाग लेने जा रहे हैं. इसका उद्देश्य बंगाल पर कब्जा करना और राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का कुशासन है. वाम मोर्चा के अध्यक्ष और सीपीआई (एम) पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ निरंतर चर्चा हो रही है. दोनों की सहमति के आधार पर हमने 10 केंद्रों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है. सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने कहा कि इन 10 सीटों और उम्मीदवारों की सूची बाद में घोषित की जाएगी.

जनाधार बढ़ने की उम्मीद

सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने बहुत पहले ही घोषणा कर दी थी कि वे बंगाल के 26वें चुनाव में वाम मोर्चा के साथ गठबंधन करेंगे. 24वें लोकसभा चुनाव के बाद वाम मोर्चा और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के बीच संबंध और मजबूत हुए. नवंबर 2024 में राज्य की 6 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए. इन उपचुनावों में सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने नैहाटी सीट से वाम खेमे का उम्मीदवार उतारा. हालांकि, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के उम्मीदवार देबज्योति मजूमदार कोई खास कमाल नहीं दिखा सके. उन्हें 7,500 से कुछ अधिक वोट मिले.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

आईएसएफ को लेकर अब भी सस्पेंस

इस बार दीपांकर भट्टाचार्य की सीपीआई (एमएल) लिबरेशन विधानसभा चुनावों में पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी है. अब देखना यह होगा कि विधानसभा चुनावों में उनका कितना प्रभाव देखने को मिलता है. इस बीच, वाम मोर्चे ने सोमवार को 192 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है. वाम मोर्चे ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह आईएसएफ के साथ गठबंधन करेगा या नहीं. हालांकि, सीपीआई (एमएल) ने लिबरेशन पार्टी के साथ गठबंधन को अंतिम रूप दे दिया है.

Also Read: हिरन चटर्जी का पत्ता साफ, दिलीप घोष बने खड़गपुर से भाजपा उम्मीदवार

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >