वीआइपी विमान व हेलिकॉप्टर उड़ान में नियमों का उल्लंघन, तो लाइसेंस रद्द
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विधानसभा चुनाव के बीच हेलिकॉप्टर व प्राइवेट विमान के परिचालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किया है.
By BIJAY KUMAR | Updated at :
कोलकाता.
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विधानसभा चुनाव के बीच हेलिकॉप्टर व प्राइवेट विमान के परिचालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किया है. डीजीसीए ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि अगर हेलिकॉप्टर में कोई वीआइपी सवार है, तो फ्लाई करते समय पायलट किसी भी कीमत पर वीआइपी या उसके परिषद के सदस्यों के दबाव में आकर नियमों का उल्लंघन नहीं कर सकता है. विज्ञप्ति में कहा गया है कि किसी भी परिस्थिति में वीआइपी विमान या हेलीकॉप्टर के पायलट को उड़ान भरने अथवा गंतव्य पर लैंड करते समय बाध्य नहीं कर सकता है. किसी भी उड़ान से पहले गंतव्य तक पहुंचने का आकाश पथ और मौसम की जानकारी लेना पायलट के लिए अनिवार्य है. इस बाबत वीआइपी को भी जानकारी मुहैया करवानी होगी.डीजीसीएस द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव होने वाले हैं. वीआइपी प्रचार, बैठक, जुलूस, रैली में हिस्सा लेने के लिए नियमित रूप से छोटे विमान और हेलीकॉप्टर से आवाजाही कर रहे हैं. कहीं राज्य सरकार की खुद की, तो कहीं किराये पर विमान और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है. डीजीसीए की विज्ञप्ति में स्पष्ट कहा गया है कि कई बार वीआइपी द्वारा नियमों का उल्लंघन करने का दबाव पायलट पर डाला जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि कई बार सिर्फ अपनी सुविधा के लिए ही आखिरी पलों में भी वीआइपी अपने कार्यक्रम में बदलाव कर रहा है. इस विज्ञप्ति में कहा गया है कि दो इंजन वाले विशेष हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करना होगा, जिसमें कॉकपिट में क्रु के दो सदस्यों का होना अनिवार्य है. विमान में वेदर रडार का होना भी अनिवार्य है. वीआइपी विमान के मामले में मुख्य पायलट के पास कम से कम 3000 घंटे व को-पायलट का 500 घंटे के उड़ान का अनुभव होना अनिवार्य है. इसके साथ ही और भी कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत इस विज्ञप्ति में दी गयी है. विज्ञप्ति में चेतावनी दी गयी है कि अगर इन नियमों का पालन न किया गया, तो पायलट व विमान मुहैया करने वाली एयरलाइंस कंपनी का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है.