डानकुनी टोल प्लाजा पर फिल्मी स्टाइल में दबोचा गया कुख्यात मिनी फिरोज, दर्ज हैं 37 मुकदमे

Crime News West Bengal: कोलकाता पुलिस की गुंडा दमन शाखा ने कुख्यात अपराधी ‘मिनी फिरोज’ और उसके साथी साजिद को डानकुनी टोल प्लाजा से दबोच लिया है. आर्म्स एक्ट सहित 37 मामलों के आरोपी को दूसरी बार गिरफ्तार किया गया है.

कोलकाता से अमित शर्मा की रिपोर्ट

Crime News: कोलकाता पुलिस की गुंडा दमन शाखा (Anti-Rowdy Section) ने बड़े और गुप्त ऑपरेशन में शहर के बेहद कुख्यात अपराधी और आनंदपुर के गुलशन कॉलोनी निवासी मोहम्मद फिरोज खान उर्फ ‘मिनी फिरोज’ को दोबारा गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए फिरोज के सबसे खास और वफादार सहयोगी मोहम्मद साजिद को भी दबोचा है. दोनों को आर्म्स एक्ट के एक नये मामले में गिरफ्तार किया गया है. मिनी फिरोज कोई आम अपराधी नहीं है. उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, बमबाजी और अवैध हथियार रखने जैसी विभिन्न संगीन धाराओं में 37 आपराधिक मामले दर्ज हैं.

डानकुनी टोल प्लाजा पर पुलिस ने की घेराबंदी

पुलिस ने कहा है कि 23 जून को फिरोज और साजिद के खिलाफ कोलकाता के तपसिया थाने में एक नयी शिकायत दर्ज करायी गयी थी. एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही पुलिस की विशेष टीम दोनों की तलाश में जुटी थी. शनिवार रात गुप्त सूचना मिली कि दोनों आरोपी कार में सवार होकर कोलकाता से भागने की फिराक में हैं. इसके बाद गुंडा दमन शाखा ने हुगली जिले के डानकुनी टोल प्लाजा पर घेराबंदी की. जैसे ही आरोपियों की कार वहां रुकी, पुलिस ने चारों ओर से घेरकर दोनों को दबोच लिया.

गुलशन कॉलोनी हिंसा से पूर्व पार्षद पर हमले तक में नाम

मिनी फिरोज का आपराधिक इतिहास खौफनाक रहा है. कोलकाता पुलिस मुख्यालय (लालबाजार) लंबे समय से उसके नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश में था.

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गुलशन कॉलोनी हिंसा (सितंबर 2025)

पिछले साल 11 सितंबर को गुलशन कॉलोनी में सरेआम हथियारों से लैस बदमाशों ने तांडव मचाया था, जिसका मुख्य सूत्रधार फिरोज था. वारदात के बाद वह फरार होकर दिल्ली में छिप गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो पोस्ट कर पुलिस को चुनौती दे रहा था. कोलकाता पुलिस की टीम ने दिल्ली में रेड मारकर उसे दबोचा था.

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Crime News: पूर्व पार्षद सुशांत घोष से दुश्मनी

फिरोज की 108 नंबर वार्ड के पूर्व टीएमसी पार्षद सुशांत घोष (Sushant Ghosh) से पुरानी और जानी-दुश्मनी रही है. सुशांत घोष के घर के सामने उन पर हुए जानलेवा फायरिंग केस में भी मिनी फिरोज का नाम प्रमुखता से सामने आया था, जिसमें सुशांत घोष बाल-बाल बचे थे.

जमानत मिलते ही शुरू की आपराधिक गतिविधियां

दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद कुछ दिन पुलिस कस्टडी में बिताने पर फिरोज और साजिद को कोर्ट से जमानत मिल गयी थी. लेकिन जेल से बाहर आते ही दोनों ने दोबारा आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गये. नया मामला दर्ज होते ही पुलिस ने दोनों को धर दबोचा. पुलिस का कहना है कि आनंदपुर और गुलशन कॉलोनी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में फैले फिरोज के पूरे गैंग और हथियारों के सप्लायर्स का पता लगाने के लिए दोनों से कड़ी पूछताछ की जा रही है.

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By Mithilesh Jha

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