हावड़ा. शहर में बाइक और कार की अवैध पार्किंग रोकने और निगम का राजस्व बढ़ाने के लिए हावड़ा नगर निगम और पुलिस ने हाल ही में विभिन्न स्थानों पर 35 स्थानों की पहचान कर टेंडर जारी किया था, लेकिन इक्का-दुक्का पार्किंग कंपनियों ने ही इस टेंडर प्रकिया में भाग लिया.
जानकारी के अनुसार, ये 35 वहीं जगह हैं, जहां अभी पार्किंग की व्यवस्था है. ये सभी पार्किंग जोन अवैध बताये जा रहे हैं, जहां वाहन चालकों से मनमानी तरीके से पार्किंग फीस ली जाती है. निगम का कहना है कि इससे यह साबित होता है कि कानून की परवाह किए ही पूरे शहर में पार्किंग सिंडिकेट चल रहा है.बता दें कि, शहर में अवैध पार्किंग को रोकने के लिए जनवरी में निगम और पुलिस ने मिलकर 35 जगहों को पार्किंग के लिए चिह्नित किया था. इसके लिए टेंडर जारी किया गया, लेकिन हावड़ा सदर के चार विधानसभा क्षेत्रों दक्षिण हावड़ा, मध्य हावड़ा, शिवपुर और उत्तर हावड़ा से केवल 14 कंपनियों ने ही टेंडर में भाग लिया. निगम के प्रशासनिक बोर्ड के चेयरमैन डॉ सुजय चक्रवर्ती ने कहा कि टेंडर प्रकिया में शामिल नहीं होने पर यह तो यह साफ हो गया कि ये लोग अवैध तरीके से पार्किंग जोन बनाकर वाहन चालकों से रुपये ले रहे थे. उन्होंने कहा कि इन जगहों से पार्किंग शुल्क वसूलने से हावड़ा नगर निगम को सालाना 95 लाख रुपये की आय होगी. अवैध ढंग से चल रहे इन पार्किंग जोन को बंद कराना होगा.
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