श्रावणी मेला : सीएम ने दिये चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को श्रावण महीने की शुरुआत पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए हुगली जिले के तारकेश्वर स्थित बाबा तारकनाथ मंदिर में महीने भर चलने वाले श्रावणी मेले की विधिवत शुरुआत की घोषणा की.

कोलकाता.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को श्रावण महीने की शुरुआत पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए हुगली जिले के तारकेश्वर स्थित बाबा तारकनाथ मंदिर में महीने भर चलने वाले श्रावणी मेले की विधिवत शुरुआत की घोषणा की. राज्यभर से लाखों श्रद्धालुओं के तारकेश्वर पहुंचने की संभावना को देखते हुए राज्य और जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं.

मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो. उन्होंने गुरुवार को सोशल मीडिया ‘एक्स’ के माध्यम से बताया कि हर साल लाखों श्रद्धालु पूरे श्रावण मास में बाबा तारकनाथ के इस पवित्र तीर्थस्थल पर भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के लिए एकत्रित होते हैं. सीएम ने कहा कि तारकेश्वर और उसके आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास और तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए सरकार ने कई कदम उठाये हैं. इनमें सड़कों का नवीनीकरण, पेयजल व्यवस्था, दूध के तालाबों का जीर्णोद्धार, स्नान घाटों का निर्माण, तीर्थयात्रियों के लिए विश्राम गृह, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, अग्निशामक प्रणाली, अपशिष्ट प्रबंधन तथा अतिरिक्त पुलिस व्यवस्था और सीसीटीवी शामिल हैं, ताकि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने तारकेश्वर विकास प्राधिकरण बनाया है, जो क्षेत्र के विकास में सदैव तत्पर है.तैयारियों का ब्योरा और विशेष जिम्मेदारियां

राज्य मंत्री बेचाराम मन्ना ने जानकारी दी कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सहायता शिविर, पुलिस बल और चिकित्सा दल तैनात किये गये हैं. नगर निकाय और पंचायतों ने रोशनी, पेयजल, बायो-टॉयलेट और सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाला है. ‘निर्मल प्रकल्प’ मिशन के तहत स्वच्छता को प्राथमिकता दी जा रही है और प्लास्टिक के कप-प्लेट के इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध रहेगा. परिवहन मंत्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती को भी विशेष जिम्मेदारी दी गयी है. उनके निर्देश पर राज्यभर से तारकेश्वर के लिए अतिरिक्त सरकारी बसों की व्यवस्था की गयी है. बैद्यबाटी घाटों पर जल संसाधन विभाग ने तेज बहाव से बचाव के लिए सुरक्षा जाल लगाये हैं. लोक निर्माण विभाग ने घाट और संपर्क मार्ग की मरम्मत की है, जबकि बिजली विभाग को सभी पोल सुरक्षित रखने और शॉर्ट सर्किट से बचाव के निर्देश दिये गये हैं. बैद्यबाटी और कमारकुंडु रेलवे फाटकों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जहां पुलिस और जीआरपी कर्मी तैनात हैं ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो. पूर्व रेलवे से लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का अनुरोध किया गया है.

सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था

मंदिर परिसर सहित 22 प्रमुख चौराहों पर पुलिस ने बैरिकेड्स लगाये हैं. पूरे मेले की निगरानी 187 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से की जायेगी. आपात स्थितियों से निपटने के लिए बाइक एंबुलेंस, सामान्य एंबुलेंस और विशेष चिकित्सकीय दल भी तैनात किये गये हैं. राज्य सरकार की इन व्यापक तैयारियों के बीच, श्रावणी मेला आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है, जो पूरे श्रावण मास तक चलेगा. श्रद्धालु बाबा तारकनाथ का आशीर्वाद लेने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं.

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Published by: Bijay kumar

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