Chandranath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में पुलिस और एसआईटी (SIT) को बड़ी कामयाबी मिली है. इस हाई-प्रोफाईल और सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
सामने आ सकता है मर्डर का राजनीतिक कनेक्शन
सोमवार को इन आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 13 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में हत्या की साजिश के मास्टरमाइंड और इसके राजनीतिक कनेक्शन का पर्दाफाश हो जायेगा.
बारासात कोर्ट में हुई आरोपियों की पेशी
बारासात कोर्ट में कड़ी सुरक्षा के बीच तीनों आरोपियों को पेश किया गया. जांच अधिकारियों ने अदालत को बताया कि यह एक सोची-समझी साजिश थी और हत्यारों के पास चंद्रनाथ रथ की पल-पल की जानकारी थी. वारदात में इस्तेमाल हथियार और अन्य फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए पुलिस ने अधिकतम रिमांड की मांग की.
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत का फैसला
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जज ने आरोपियों को 13 दिनों के लिए पुलिस की कस्टडी में भेजने का आदेश दिया. अब एसआईटी इन आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी.
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जांच में अब तक क्या-क्या मिला?
- यूपी-बिहार कनेक्शन : गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ का संबंध अंतरराज्यीय गिरोहों से हो सकता है. पुलिस पहले ही अपनी टीमें उत्तर प्रदेश और बिहार भेज चुकी है.
- UPI और सीसीटीवी : टोल प्लाजा पर किये गये एक यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन ने कातिलों के भागने के रास्ते और उनकी पहचान की पुष्टि करने में अहम भूमिका निभायी.
- वारदात की प्लानिंग : शुरुआती पूछताछ में संकेत मिले हैं कि आरोपियों ने वारदात से पहले कई घंटों तक मध्यमग्राम इलाके की रेकी की थी और वे जानते थे कि रथ कार में कहां बैठे हैं.
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Chandranath Rath Murder Case: शुभेंदु अधिकारी के करीबियों में आक्रोश
चंद्रनाथ रथ की हत्या ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये थे. शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद हुई इस वारदात को सीधे तौर पर नयी सरकार को चुनौती देने के रूप में देखा जा रहा है. भाजपा नेतृत्व ने इस मामले में फास्ट ट्रैक जांच की मांग की थी. अब इन तीन गिरफ्तारियों के बाद पुलिस उन शूटरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने प्वाइंट ब्लैंक रेंज से गोलियां चलायी थीं.
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