ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के लिए केंद्र सरकार ने जारी किये "681 करोड़

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्री व सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेता अक्सर केंद्र की मोदी सरकार पर फंड रोकने और विभिन्न केंद्रीय योजना की राशि नहीं देने के आरोप लगाते रहते हैं.

15वें वित्त आयोग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मूलभूत अनुदान की पहली किस्त हुई जारी

पिछले वित्तीय वर्ष और चालू वर्ष के दौरान बंगाल को कुल 4,181.23 करोड़ रुपये जारी किये गये

संवाददाता, कोलकाता

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्री व सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेता अक्सर केंद्र की मोदी सरकार पर फंड रोकने और विभिन्न केंद्रीय योजना की राशि नहीं देने के आरोप लगाते रहते हैं. इस बीच, केंद्र सरकार ने बंगाल के ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) और पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआइ) के लिए 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मूलभूत अनुदान की पहली किस्त के रूप में 680.71 करोड़ रुपये की राशि जारी की है.

केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में यह जानकारी दी. बयान में कहा गया कि यह राशि राज्य भर की पात्र 3,224 ग्राम पंचायतों, 335 ब्लाॅक पंचायतों और 21 जिला परिषदों के लिए छह अक्तूबर, 2025 को जारी की गयी. मंत्रालय ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 और चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, बंगाल को कुल 4,181.23 करोड़ रुपये की सिफारिश की गयी और जारी की गयी. इसमें 2,082.13 करोड़ रुपये अनटाइड अनुदान के रूप में, यह एक प्रकार का ऐसा सरकारी अनुदान है, जिसका उपयोग किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए बाध्य नहीं होता है, बल्कि यह स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर विभिन्न प्रकार के विकासात्मक कार्यों के लिए किया जा सकता है.

वहीं, 2,099.10 करोड़ रुपये टाइड अनुदान के रूप में, जो आवश्यक सेवाओं के लिए समर्पित हैं, जिनमें स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति का रखरखाव, पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन, जल पुनर्चक्रण, वर्षा जल निकासी, जलभराव प्रबंधन आदि के लिए उपयोग किया जा सकता है.

15वें वित्त आयोग से मिले अनटाइड अनुदान, ग्रामीण स्थानीय निकायों को वेतन और स्थापना लागतों को छोड़कर, संविधान की 11वीं अनुसूची के 29 विषयों में स्थान-विशिष्ट विकास आवश्यकताओं को पूरा करने का लचीलापन प्रदान करते हैं. ये निधियां सड़क और फुटपाथ निर्माण एवं रखरखाव, एलईडी और सौर स्ट्रीट लाइटिंग, गांव के खेल के मैदान, पर्यावरण संरक्षण, आय-उत्पादक गतिविधियां, डिजिटल कनेक्टिविटी, श्मशान घाट के रखरखाव आदि जैसी पहलों का समर्थन करती हैं.

यह सहभागी योजना के माध्यम से पहचानी गयी स्थानीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं.

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