आरजी कर पीड़िता के घर पहुंची सीबीआइ, नाराज माता-पिता ने निकाला गुस्सा

नौ अगस्त को आरजी कर अस्पताल में महिला जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म व हत्या की घटना के एक साल पूरे होने वाले हैं.

बोले : जांच में लापरवाही कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी

संवाददाता, बैरकपुर.

नौ अगस्त को आरजी कर अस्पताल में महिला जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म व हत्या की घटना के एक साल पूरे होने वाले हैं. इस मामले की जांच कर रही सीबीआइ के तीन सदस्यों की टीम मंगलवार को सोदपुर के नाट्यगढ़ स्थित आरजी कर की पीड़िता के घर पहुंची. इस दौरान सीबीआइ ने पीड़ित परिवार से कुछ देर तक बातचीत की. सीबीआइ की जांच प्रक्रिया पर पीड़िता के माता-पिता ने नाराजगी जतायी. दो घंटे से ज्यादा समय तक सीबीआइ की टीम पीड़ित परिवार से बातचीत की. सीबीआइ अधिकारियों के जाने के बाद पीड़िता के माता-पिता ने मीडिया के सामने सीबीआइ की भूमिका पर अपनी नाराजगी जतायी. उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआइ वही कह रही है, जो पुलिस कह रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि इतने दिनों बाद अंतिम बार आने के बाद अब आठ महीने बाद सीबीआइ पूछताछ करने आयी है. सीबीआइ अधिकारियों से जब कई सवाल पूछे, तो वे लोग उनके किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे पाये.

पीड़ित माता पिता ने आरोप लगाया कि सीएफएसएल रिपोर्ट के मुताबिक इसमें और भी लोगों के मिले होने के संकेत हैं, लेकिन सीबीआइ सिर्फ संजय राय को ही दोषी करार दे रही है. इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल पुलिस के कुछ लोग मीडिया में बयान देने के कारण माता-पिता के बयान का रिकार्डिंग कर रहे थे, जिस पर पीड़ित परिवार ने आपत्ति जतायी. उन्होंने आरोप लगाया कि यहां सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मी ऊपर के निर्देश पर हमारी रिकार्डिंग कर रहे थे और पूछने पर बता रहे थे कि उन्हें ऊपर से निर्देश है. पीड़ित परिवार ने कहा कि आगामी नौ अगस्त को नबान्न घेराव में वे लोग पुलिस के इस रवैये का भी विरोध करेंगे.

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