बदलते मौसम में एडिनो व राइनोवायरस बढ़ा रहे बीमारियां

कभी बारिश से बढ़ती ठंड और कभी अचानक बढ़ता तापमान, मौसम का यह अस्थिर मिजाज लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है. इन दिनों शहर में तेज बुखार, गले में खराश और लगातार खांसी की शिकायत से बड़ी संख्या में लोग परेशान हैं.

कोलकाता.

कभी बारिश से बढ़ती ठंड और कभी अचानक बढ़ता तापमान, मौसम का यह अस्थिर मिजाज लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है. इन दिनों शहर में तेज बुखार, गले में खराश और लगातार खांसी की शिकायत से बड़ी संख्या में लोग परेशान हैं.खासकर रात के समय खांसी बढ़ने से लोगों की नींद तक प्रभावित हो रही है. कोलकाता के लगभग हर घर में इस तरह के लक्षण तेजी से देखने को मिल रहे हैं. सरकारी और निजी अस्पतालों के आउटडोर में भी ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. मरीज तेज बुखार, शरीर में दर्द और गले की समस्या लेकर डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं.

वायु प्रदूषण और मौसम में बदलाव प्रमुख कारण : पीजी अस्पताल के संक्रामक रोग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ योगिराज राय के अनुसार, यह मुख्य रूप से वायरल संक्रमण है, जो फरवरी से मार्च के बीच अधिक देखने को मिलता है. बदलते मौसम और वायु प्रदूषण के कारण एलर्जी के मरीज भी प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि सटीक पहचान के लिए वायरल पैनल टेस्ट किया जाता है. हालांकि यह जांच महंगी होने के कारण हर किसी के लिए संभव नहीं है. ऐसे में अधिकतर मामलों में लक्षणों के आधार पर ही इलाज किया जाता है.

बिना सलाह एंटीबायोटिक लेने से बचें

एसएसकेएम (पीजी) अस्पताल के जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ नीलाद्रि सरकार ने बताया कि एडेनोवायरस संक्रमण सबसे आम है. इसमें तेज बुखार, कंपकंपी, गले में तेज खराश और खांसी जैसे लक्षण तीन से पांच दिनों तक बने रह सकते हैं. उन्होंने कहा कि गले की खराश से राहत के लिए गर्म पानी से गरारे करना फायदेमंद है. कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेना शुरू कर देते हैं, जो गलत है. इससे अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन भविष्य में गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं.

आरएसवी, एडिनोवायरस, राइनोवायरस व इन्फ्लुएंजा तेजी से बढ़ा रहे संक्रमण

इन दिनों एडिनोवायरस, राइनोवायरस, इन्फ्लुएंजा और आरएसवी जैसे वायरस के मामले बढ़े हैं. मौसम के अचानक बदलाव के दौरान ये वायरस तेजी से फैलते हैं, जिससे एक साथ बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो जाते हैं.

बच्चे भी हो रहे प्रभावित

पार्क सर्कस स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ के प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ जयदेव राय ने बताया कि इस मौसम में बच्चों में भी बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, शरीर दर्द और गले में खराश की समस्या देखी जा रही है. कई बच्चे तेज बुखार और दस्त के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिनमें कुछ को नेबुलाइजर की जरूरत पड़ रही है.

बचाव के उपाय

धूम्रपान से दूर रहें.

मास्क पहनें.

पर्याप्त पानी पिएं.

बाहर से आने के बाद हाथ धोने की आदत डालें.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Bijay kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >