30 साल पहले बांग्लादेश से आये थे, गणना फॉर्म मिलते ही चल बसे

ताहेरपुर निवासी श्यामल कुमार साहा 30 साल पहले बांग्लादेश से भारत आये थे, लेकिन उनका नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं है.

कल्याणी. नदिया जिले में एसआइआर के दहशत से एक और व्यक्ति की मौत हुई है. परिवार का आरोप है कि गणना फॉर्म मिलने के बाद घबराहट में उनकी जान चली गयी. घटना नदिया जिले के ताहेरपुर की है. मृत व्यक्ति का नाम श्यामल कुमार साहा था. ताहेरपुर निवासी श्यामल कुमार साहा 30 साल पहले बांग्लादेश से भारत आये थे, लेकिन उनका नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं है. परिवार का दावा है कि बीएलओ गणना फॉर्म देने घर गये थे, तब से वह मानसिक अवसाद से ग्रस्त थे. उन्होंने खाना-पीना भी छोड़ दिया था. सोमवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से श्यामल कुमार की मौत हो गयी. मृतक की पत्नी ने कहा कि हमें यहां आये तीस साल से ज़्यादा हो गये हैं. उनके पास वोटर कार्ड और आधार कार्ड भी है, लेकिन गणना फॉर्म देखते ही वह चिंता में पड़ गये. जब भी मैं कुछ कहने की कोशिश करती, वे कहते कि मेरे कान के सामने ज़्यादा मत बोलो. दरअसल, उनका नाम 2002 की सूची में नहीं था. इसलिए वह अपने बच्चों के बारे में सोच रहे थे. एक युवा पड़ोसी ने कहा कि न तो सरकार ने और न ही चुनाव आयोग ने कहा कि सीएए के लिए आवेदन करो और तुम्हें नागरिकता मिल जायेगी. एक ख़ास राजनीतिक दल ऐसा कह रहा है. तो आप इन बातों पर कैसे भरोसा कर सकते हैं? इसलिए वह घबड़ा रहे थे. उन्होंने मुझे भी कई बार बताया.

परिवार का आरोप है कि अभी तक किसी भी राजनीतिक दल ने उनसे संपर्क नहीं किया है. प्रशासन से भी कोई नहीं आया है.

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Author: GANESH MAHTO

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