गर्मी की छुट्टियों में कक्षाएं आयोजित करने का सुझाव

कलकत्ता विश्वविद्यालय (सीयू) ने अपने संबद्ध कॉलेजों को गर्मी की छुट्टियों के दौरान कक्षाएं आयोजित करने का सुझाव दिया है, ताकि समय पर सभी कक्षाएं पूरी की जा सकें. पिछले साल प्रवेश प्रक्रिया में देरी के कारण कॉलेजों को काफी समस्या हुई थी. इस कमी की भरपाई करने के लिए कलकत्ता यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों को यह सुझाव दिया है.

कोलकाता.

कलकत्ता विश्वविद्यालय (सीयू) ने अपने संबद्ध कॉलेजों को गर्मी की छुट्टियों के दौरान कक्षाएं आयोजित करने का सुझाव दिया है, ताकि समय पर सभी कक्षाएं पूरी की जा सकें. पिछले साल प्रवेश प्रक्रिया में देरी के कारण कॉलेजों को काफी समस्या हुई थी. इस कमी की भरपाई करने के लिए कलकत्ता यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों को यह सुझाव दिया है. इस बारे में सीयू के रजिस्ट्रार देबाशीष दास ने बताया कि कलकत्ता विश्वविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश पिछले साल एक महीने बाद शुरू हुआ था, क्योंकि इस बात पर अनिश्चितता थी कि प्रक्रिया कैसे आयोजित की जायेगी. एडमिशन संचालन के तरीके पर अनिश्चितता के कारण एक महीने का विलंब हुआ. पिछले साल प्रवेश प्रक्रिया में देरी के कारण कक्षाओं की संख्या में हुई कमी की भरपाई के लिए यह सलाह जारी की गयी है, ताकि सत्र समय से शुरू किया जा सके. उन्होंने कहा कि हम कॉलेजों पर छोड़ रहे हैं कि वे इसे कैसे आगे बढ़ायें. ऑनलाइन मोड, फिजिकल क्लास या हाइब्रिड मोड से कॉलेज कक्षाएं ले सकते हैं, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा. स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश, जो आमतौर पर कक्षा 12वीं के राज्य बोर्ड के परिणामों के प्रकाशन के तुरंत बाद शुरू होता है, पिछले साल एक महीने बाद शुरू हुआ, क्योंकि सेंट्रलाइज्ड एडमिशन सिस्टम को लेकर स्थिति फाइनल नहीं की गयी थी. अंत में, प्रवेश केंद्रीकृत पोर्टल के माध्यम से आयोजित किये गये. इस बारे में लेकर लेडी ब्रेबोर्न कॉलेज की प्रिंसिपल सिउली सरकार ने कहा कि उनके कॉलेज में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं. यह शिक्षकों पर निर्भर है कि वे कैंपस में या ऑनलाइन कक्षाएं लेना चाहते हैं या नहीं. उनसे बातचीत के बाद शिड्यूल जारी किया जायेगा. ऑल बंगाल प्रिंसिपल काउंसिल के सीयू चैप्टर के अध्यक्ष जयदीप सारंगी ने कहा कि सबसे पहले, यह कोई आदेश नहीं, बल्कि एक सलाह है.

पिछले वर्षों की तरह, इस वर्ष भी हमने पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये हैं, चाहें वे ऑनलाइन कक्षाएं हों या अन्य माध्यम. न्यू अलीपुर कॉलेज के प्रिंसिपल श्री सारंगी ने कहा कि यह भी देखा जाना बाकी है कि कक्षाएं लेने के लिए क्या अन्य विश्वविद्यालय भी इसी तरह की सलाह देते हैं. यह कॉलेजों पर निर्भर है कि वे कैसे क्लास की व्यवस्था करेंगे.

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Published by: Bijay kumar

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