CPM Leader Manoranjan Patra Acquitted in Murder Case: कलकत्ता हाईकोर्ट ने वर्ष 2010 के बहुचर्चित तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ता मदन खान हत्याकांड में अपना फैसला सुना दिया है. उच्च न्यायालय ने 4 बार के पूर्व माकपा (CPM) विधायक मनोरंजन पात्रा और पार्टी के दो अन्य स्थानीय नेताओं अजबहोर खान और जितेन पात्रा को सभी आरोपों से बरी कर दिया है.
बांकुड़ा की अदालत ने सुनायी थी उम्रकैद की सजा
दिसंबर 2022 में निचली अदालत ने बांकुड़ा जिले के तालडांगरा निवासी मनोरंजन पात्रा और उनके सहयोगियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी थी. मनोरंजन पात्रा जमानत पर बाहर थे, जबकि अजबहोर खान और जितेन पात्रा जेल में बंद हैं.
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हाईकोर्ट ने कहा- नहीं मिले ठोस सबूत
न्यायमूर्ति देवांशु बसाक और न्यायमूर्ति एमडी शब्बर रशीदी की खंडपीठ ने निचली अदालत के फैसले को खारिज करते हुए निम्नलिखित मुख्य आधारों पर तीनों नेताओं को बरी कर दिया.
- कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिससे साबित हो सके कि घटना के समय आरोपी घटनास्थल पर मौजूद थे.
- अभियोजन पक्ष के दस्तावेजों और 2 पत्रों से साबित हुआ कि अपराध के समय मनोरंजन पात्रा पश्चिम बंगाल विधानसभा की कार्यवाही में उपस्थित थे.
- पीठ ने कहा कि आरोपियों के पास घातक हथियार होने का कोई सबूत नहीं मिला, न ही जांच के दौरान पुलिस द्वारा कोई हथियार बरामद किया गया था.
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29 जून 2010 को तालडांगरा में हुआ था मदन का मर्डर
मामला 29 जून 2010 का है. तालडांगरा में टीएमसी कार्यकर्ता मदन खान की हत्या कर दी गयी थी. मदन खान के बेटे इस्माइल खान ने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी थी कि मनोरंजन पात्रा के नेतृत्व में माकपा समर्थकों के एक समूह ने उनके घर पर हमला कर उनके पिता की हत्या की थी. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद जेल में बंद 2 अन्य माकपा नेताओं की रिहाई का भी रास्ता साफ हो गया है.
