वामपंथी छात्र संगठनों ने दो घंटे तक मंत्री को घेर कर रखा, कई लोग घायल
मंत्री की गाड़ी पर चढ़ कर किया प्रदर्शन
घटना के खिलाफ एसएफआइ ने सोमवार को हड़ताल का किया आह्वान
कोलकाता. शहर के प्रतिष्ठित जादवपुर यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव तत्काल कराने की मांग पर शनिवार को जोरदार हंगामा हुआ. राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु जादवपुर विश्वविद्यालय में वेस्ट बंगाल कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी प्रोफेसर्स एसोसिएशन (बेवकुपा) की वार्षिक आम बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे. उस दौरान माकपा समर्थित छात्र यूनियन ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआइ) के सदस्यों ने कथित रूप से बसु की कार का घेराव किया और वाहन में तोड़फोड़ की. इसके बाद शिक्षा मंत्री कार से बाहर निकले और छात्रों से बात करने की कोशिश की, लेकिन उनके सामने भी छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा. छात्र यूनियन नेताओं ने शिक्षा मंत्री को करीब दो घंटे तक घेर कर रखा. एसएफआइ समर्थकों ने ‘वापस जाओ’ के नारे लगाये गये. बाद में, मंत्री की कार और उनके साथ मौजूद दो पायलट कारों में तोड़फोड़ की गयी. कार का ‘लुकिंग ग्लास’ भी टूट गया. यहां तक आरोप है कि शिक्षा मंत्री की कार के टायरों की हवा निकाल दी गयी. कार की विंडस्क्रीन टूटने और घेराव के कारण बसु की तबीयत बिगड़ गयी. उन्हें तुरंत एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की. फिलहाल उनकी शारीरिक स्थिति ठीक है. बताया गया है कि उन्हें कमर और जांघ में चोट लगी है. उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है. आरोप है कि इस दौरान उत्तर बंगाल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति ओम प्रकाश मिश्रा पर भी एसएफआइ समर्थकों ने हमला किया. उधर, जेयू कैंपस स्थित तृणमूल छात्र परिषद के दफ्तर को भी निशाना बनाया गया. यहां तोड़फोड़ की गयी और आग लगा दी गयी.
उधर, वामपंथी छात्र संगठनों ने शिक्षा मंत्री पर आंदोलन कर रहे छात्रों को कुचलने का आरोप लगाया. छात्र यूनियन का कहना है कि शिक्षा मंत्री की गाड़ी ने कई छात्रों को कुचला है. जिससे कई छात्र घायल हुए हैं. उनका आरोप है कि मंत्री की गाड़ी एक छात्र के ऊपर से चढ़ा दी गयी. इसके विरोध में सोमवार को छात्र हड़ताल का आह्वान किया गया है. छात्र संगठन की ओर से जादवपुर विश्वविद्यालय में चुनाव कराने की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा था.
क्या कहना है शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का
श्री बसु ने कहा: माकपा के छात्र यूनियन के विरोध प्रदर्शन से साफ नजर आया है कि एसएफआइ का असली रूप अलोकतांत्रिक और अनियंत्रित है. इन लोगों ने शिक्षण समुदाय के खिलाफ नारे लगाये. मंत्री ने कहा कि यहां का वामपंथ सोवियत संघ द्वारा संचालित वामपंथ नहीं है. यह वास्तव में लैटिन अमेरिकी वामपंथ है. ब्रात्य बसु ने कहा कि जादवपुर में पहले भी विरोध प्रदर्शन हुए हैं, लेकिन इस तरह नहीं. सिर्फ ध्यान आकर्षित करने के लिए एसएफआइ छात्र अशांति कर रहे हैं. मंत्री ने कहा कि उनकी कार पर ईंट फेंकी गयी और उन पर हमला किया गया, जिससे वह घायल हो गये. वह प्राथमिक उपचार के लिए एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर गये और वहां उनकी प्राथमिक चिकित्सा की गयी. एसएसकेएम से निकलने के बाद ब्रात्य बसु ने कहा कि कार का शीशा टूट गया और उसके टुकड़े उनके हाथ और चेहरे पर लगे. हाथ का एक्स-रे कराया गया.
ब्रात्य बसु से मिलने पहुंचे कुणाल घोष
तृणमूल नेता कुणाल घोष शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु से मिलने एसएसकेएम परिसर पहुंचे. उन्होंने कहा कि किसी को भी हमारे धैर्य और सहनशीलता को कमजोरी समझने की भूल नहीं करनी चाहिए. हम ममता बनर्जी की पार्टी हैं. हमलावरों को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जायेगा.
एसएफआइ नेता ने क्या कहा
एसएफआइ नेता कौशिकी भट्टाचार्य ने कहा कि छात्र सिर्फ शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु से चर्चा करना चाहते थे, उनकी एक मात्र मांग यही है कि छात्र संघ चुनाव जल्द से जल्द कराए जाएं. हमने कोई हिंसा का सहारा नहीं लिया. यह तृणमूल के बाहरी लोग थे, जिन्होंने परिसर में अपने कुछ समर्थकों के साथ मिलकर हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया और हमारे खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा मंत्री बसु की कार के जाने के बाद कुल लोगों ने वेबकुपा के बैनर फाड़े, तृणमूल शिक्षक विंग सेल के कमरे में भी तोड़फोड़ की.
प्रोफेसर मानव बंधन बनाकर ब्रात्य को एजीएम स्थल तक ले गये
उल्लेखनीय है कि वेबकुपा की बैठक में भाग लेने के लिए विभिन्न कॉलेजों के प्रोफेसर भी सुबह से यहां आये हुए थे. यहां शिक्षा मंत्री के पहुंचते ही एसएफआइ और डीवाइएसए जैसे छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारे लगाने शुरु कर दिये. प्रोफेसरों ने बताया कि वेबकुपा के प्रोफेसरों को एक मानव मोर्चा बनाकर मंत्री को अंदर घुसाना पड़ा. शनिवार को इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच एजीएम के अंदर ”ब्रात्य बसु जिंदाबाद” और बाहर ”मुर्दाबाद” के नारे लगते रहे. जेयू कैंपस के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करने के साथ पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गयी.
वहां भारी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है और वहां प्रत्येक आने-जाने वाली की निगरानी की जा रही है.
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