अगले वर्ष विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने की बैठक

कोलकाता एयरपोर्ट पर दोनों केंद्रीय पर्यवेक्षकों का प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य सहित अन्य नेताओं ने स्वागत किया.

कोलकाता. भाजपा ने 2026 के राज्य विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए दो केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है. इनमें केंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब शामिल हैं. पार्टी द्वारा बंगाल के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाये जाने के बाद शनिवार को दोनों नेता महानगर पहुंचे. कोलकाता एयरपोर्ट पर दोनों केंद्रीय पर्यवेक्षकों का प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य सहित अन्य नेताओं ने स्वागत किया. महानगर पहुंचने के बाद केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने सॉल्टलेक स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ बैठक की. बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षकों में भूपेंद्र यादव व बिप्लब कुमार देब के साथ-साथ बंगाल के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक सुनील बंसल, अमित मालवीय व राज्य स्तर के नेताओं में प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, पूर्व अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे. जानकारी के अनुसार, उक्त बैठक में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति पर चर्चा की गयी. इसके साथ ही राज्य में एसआइआर लागू होने की संभावनाओं पर पार्टी की रणनीति पर भी चर्चा की गयी. उल्लेखनीय है कि यह बैठक प्रदेश भाजपा के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिससे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ लड़ाई को नयी गति मिलने की उम्मीद है. उल्लेखनीय है कि भूपेंद्र यादव को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 25 सितंबर को पश्चिम बंगाल चुनाव का मुख्य प्रभारी नियुक्त किया था. इस नियुक्ति के साथ ही बिप्लब देब को उनका सहयोगी घोषित किया गया. बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के चुनावों में रणनीतिक भूमिका निभाने वाले श्री यादव अब बंगाल की जटिल राजनीतिक स्थिति में भाजपा का नेतृत्व करेंगे. वहीं, बिप्लब कुमार देब को त्रिपुरा में भाजपा की अभूतपूर्व सफलता का श्रेय दिया जाता है और माना जाता है कि उनका अनुभव, बंगाल की स्थानीय संस्कृति के साथ मिलकर पार्टी को मजबूत करेगा. जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को हुई बैठक में बूथ-स्तरीय संगठनात्मक मजबूती, युवा और महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी व तृणमूल कांग्रेस सरकार की विफलता को उजागर करने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर देने की बात कही गयी. उल्लेखनीय है कि पिछले महीने, भाजपा ने राज्य में अधिकांश बूथ समितियों का गठन पूरा कर लिया था, जिस पर शुक्रवार की बैठक में समीक्षा की गयी. गाैरतलब है कि 2026 के चुनावों को लेकर बंगाल में राजनीतिक हलचल बढ़ गयी है. 2021 में, भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस की 213 सीटों के मुकाबले 77 सीटों पर जीत हासिल की थी.

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Author: GANESH MAHTO

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