वर्ष 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में हत्या के मामले में उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में बड़ी कार्रवाई की गयी है. रविवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र खोदकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ता आस्तिक चंद्र दास का शव निकाला गया. शव को पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है.
तृणमूल समर्थकों पर हत्या का आरोप
आरोप है कि वर्ष 2021 में संदेशखाली-1 ब्लॉक के नैजाट थाने के कालीनगर इलाके के झनझनिया में चुनाव बाद हिंसा के दौरान वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता आस्तिक चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी थी. उनके परिवार ने तृणमूल समर्थित बदमाशों पर हत्या का आरोप लगाया है. परिवार के अनुसार, गंभीर रूप से घायल आस्तिक को अस्पताल ले जाने से भी रोका गया था. बाद में घर पर ही उनकी मौत हो गयी.
ये भी पढ़ें: बंगाल चुनाव 2021 के बाद हुई हिंसा का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, सीबीआई ने महाराष्ट्र के नांदेड़ से दबोचा
5 साल बाद फिर शुरू हुई जांच
परिवार का आरोप है कि उस समय पुलिस ने लिखित शिकायत लेने से इनकार कर दिया था और पोस्टमार्टम भी नहीं होने दिया गया. आरोप है कि डराकर शव को दफनाने के लिए मजबूर किया गया. बाद में परिवार ने थाने में दोबारा लिखित शिकायत दर्ज करायी.
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में निकाला गया शव
इसी शिकायत के आधार पर रविवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव निकाला गया. कार्रवाई के दौरान पुलिस अधिकारी, डॉक्टर और फॉरेंसिक विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे. करीब पांच साल बाद शुरू हुई जांच में पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट से क्या नया खुलासा होता है, इस पर नजर है. मामले की जांच जारी है.
