तृणमूल के टेरर माफिया के दबाव में कार्य कर रहे बीएलओ

उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और बूथ लेवल ऑफिसर यानी बीएलओ की मौत को लेकर भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस दावे को जहरीला झूठ बताया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एसआइआर के अत्यधिक काम के दबाव के चलते बीएलओ ने आत्महत्या की.

कोलकाता.

उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और बूथ लेवल ऑफिसर यानी बीएलओ की मौत को लेकर भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस दावे को जहरीला झूठ बताया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एसआइआर के अत्यधिक काम के दबाव के चलते बीएलओ ने आत्महत्या की. भाजपा का आरोप है कि असल दबाव चुनाव आयोग से नहीं, बल्कि तृणमूल के कथित टेरर माफिया और गुंडों से आ रहा है, जो सरकारी कर्मचारियों को धमका कर वोटर सूची प्रक्रिया पर असर डालना चाहते हैं. पार्टी आइटी सेल के प्रमुख व बंगाल के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि ममता बनर्जी एक और झूठ फैला कर अपने घुसपैठिया साम्राज्य को बचाना चाहती हैं. उन्होंने दावा किया कि बिहार में एनडीए सरकार के दौरान वही एसआइआर प्रक्रिया समान समय-सीमा में लागू हुई, लेकिन एक भी आत्महत्या नहीं हुई.

श्री मालवीय ने सवाल उठाया कि आखिर बंगाल में ही बीएलओ क्यों मर रहे हैं? साथ ही आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी के गुंडे शिक्षकों, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को धमकाते हैं कि वोटर लिस्ट जल्दी पूरी करो, नहीं तो नौकरी और जान जोखिम में है.

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Published by: Bijay kumar

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