पूर्व भाजपा प्रत्याशी मतीउर रहमान ने थामा तृणमूल कांग्रेस का दामन
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ दल को एक और राजनीतिक बढ़त मिली है. मालदा के प्रमुख व्यवसायी और समाजसेवी मतीउर रहमान ने शनिवार को औपचारिक रूप से तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया.
By BIJAY KUMAR | Updated at :
कोलकाता.
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ दल को एक और राजनीतिक बढ़त मिली है. मालदा के प्रमुख व्यवसायी और समाजसेवी मतीउर रहमान ने शनिवार को औपचारिक रूप से तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया. रहमान वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर मालदा जिले के हरिश्चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं. उस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के मजबूत गढ़ माने जाने वाले इलाके में भाजपा को वोट के लिहाज से दूसरे स्थान तक पहुंचा दिया था.शनिवार को यहां तृणमूल भवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु और राज्यसभा सांसद नदीमुल हक की मौजूदगी में रहमान ने तृणमूल का झंडा थामा. पार्टी नेताओं ने उनके शामिल होने को मालदा में संगठन की मजबूती के रूप में देखा है. मालदा क्षेत्र में रहमान लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं. इस अवसर पर बसु ने कहा कि वर्ष 2021 के चुनाव में भाजपा को जो दूसरा स्थान मिला था, वह केवल पार्टी की वजह से नहीं, बल्कि रहमान की व्यक्तिगत लोकप्रियता और प्रभाव का परिणाम था. सांसद नदीमुल हक ने भी उनके पार्टी में शामिल होने का स्वागत करते हुए कहा कि रहमान जैसे समाजसेवी का तृणमूल में शामिल होना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने उम्मीद जतायी कि पार्टी की विचारधारा के साथ जुड़कर वह आम लोगों के लिए और अधिक काम करेंगे. वहीं, तृणमूल में शामिल होने के बाद रहमान ने कहा कि उन्होंने लगभग एक वर्ष पहले ही भाजपा से अपने सभी संबंध खत्म कर लिये थे और अब औपचारिक रूप से तृणमूल में शामिल हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि राज्य में पिछले 14-15 वर्षों में काफी विकास हुआ है और यह विकास मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में संभव हुआ है. रहमान ने भाजपा पर विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया.