मुख्य बातें
Bhupendra Yadav: कोलकाता. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि तृणमूल सरकार खराब शासन का उदाहरण है. मनरेगा योजना का कार्यान्वयन सही तरीके से नहीं हुआ और वित्तीय अनियमितताओं की रिपोर्ट सामने आई है. आवास योजना की उपयोगिता प्रमाणपत्र समय पर जमा नहीं किए गए. पीएम पोषण योजना में भ्रष्टाचार के आरोप हैं.
विज्ञान शिक्षा पर कम और मदरसों पर अधिक ध्यान
उन्होंने कहा कि यह बजट तृणमूल का अंतिम बजट नहीं, बल्कि उनका विदाई पत्र है. यह राज्य वैज्ञानिक सत्येंद्रनाथ बोस और आचार्य जगदीश चंद्र बोस की भूमि है, फिर भी यहां विज्ञान शिक्षा के लिए कम बजट और मदरसों के लिए अधिक अनुदान दिया गया है. मदरसों के लिए 5,713.61 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. उत्तर बंगाल में 3 करोड़ लोग रहते हैं, लेकिन बजट में केवल 910 करोड़ रुपये दिए गए. मदरसों के नाम पर धन वितरित किया जा रहा है.
भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव बुधवार को होटल अल्टएयर में एक पत्रकार सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि 11 फरवरी का दिन हमारे लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज हम एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को स्मरण करते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 11 वर्षों से उनके आदर्शों पर चलते हुए देश को आगे बढ़ा रहे हैं. भारत की अर्थव्यवस्था तीव्र गति से आगे बढ़ रही है और जापान को पीछे छोड़कर भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है.
4.19 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा जीडीपी
देश का कुल जीडीपी 4.18 से 4.19 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जो विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. मंत्री ने कहा कि एक वेलफेयर स्टेट का दायित्व तीन प्रमुख विषयों पर केंद्रित होता है – निवेश और रोजगार में वृद्धि, रोजगार से आम नागरिकों की समृद्धि और उस समृद्धि को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाना. इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह बजट प्रस्तुत किया है.
दुर्गापुर से लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
भूपेंद्र यादव ने कहा- सबका साथ, सबका विकास के संकल्प के साथ 2047 तक निरंतर कार्य करना हमारा लक्ष्य है. मंत्री ने कहा कि 2014 में कुल कैपेक्स 2 लाख करोड़ रुपये था, जो अब छह गुना बढ़ चुका है. 12 लाख करोड़ रुपये का कैपेक्स निर्धारित किया गया है. बीते 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं.
इन क्षेत्रों को दी गयी प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि सड़क, हवाई अड्डे, बंदरगाह, फ्रेट कॉरिडोर तथा टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास को बजट में प्राथमिकता दी गई है. सेमीकंडक्टर, बायो-फार्मा जैसे नए क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है. सूरत-डानकुनी फ्रेट कॉरिडोर से माल परिवहन लागत में 30% की कमी आएगी. सिलीगुड़ी-वाराणसी कॉरिडोर और दुर्गापुर से लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूती मिलेगी. एमएसएमई विकास के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के ग्रोथ फंड की घोषणा की गई है.
बंगाल में बंद हुई 6800 सूचीबद्ध कंपनियां
बंगाल का जिक्र करते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा कि ममता बनर्जी के शासनकाल में 6800 सूचीबद्ध कंपनियां बंद हुईं. एमएसएमई क्षेत्र की स्थिति भी चिंताजनक रही है. इस घोषणा से पश्चिम बंगाल के एमएसएमई क्षेत्र को लाभ मिलेगा. जूट क्षेत्र के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं. देश के कुल जूट उत्पादन का 80% पश्चिम बंगाल में होता है और इससे 2.5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलता है.
जूट टेक्नोलॉजी के उन्नयन का बजट में उल्लेख
जूट टेक्नोलॉजी के उन्नयन का भी बजट में उल्लेख है. टेक्सटाइल, उद्योग और कौशल विकास को गति मिलेगी. ग्रामीण क्षेत्रों से पढ़ाई और रोजगार के लिए शहर आने वाली महिलाओं के लिए प्रत्येक जिले में बालिका छात्रावास बनाने की योजना है. इस बजट में महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया गया है. पिछले 10 वर्षों में लखपति दीदी योजना के माध्यम से 2 करोड़ महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं.
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