माकपा व तृणमूल के शासनकाल में बंगाल गौरव गर्त में : शुभेंदु

बंगाल में माकपा के 34 साल के शासन और उसके बाद तृणमूल के 15 साल के शासन में बंगाल का गौरव गर्त में चला गया है.

बारासात में परिवर्तन संकल्प सभा में पहुंचे थे विपक्ष के नेता

प्रतिनिधि, बारासात

बंगाल में माकपा के 34 साल के शासन और उसके बाद तृणमूल के 15 साल के शासन में बंगाल का गौरव गर्त में चला गया है. यह कहना है राज्य विधानसभा में विरोधी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी का. सोमवार को बारासात के मिलनी मैदान में आयोजित एक परिवर्तन संकल्प सभा को संबोधित करते हुए श्री अधिकारी ने कहा कि बंगाल का विकास भी रुक गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्ट तृणमूल सरकार के समय में सिर्फ़ तुष्टीकरण की राजनीति चल रही है, इसलिए इस सरकार को उखाड़ फेंकना ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि अगर 2026 के चुनाव में भाजपा की सरकार बनती है, तो विकास ही एकमात्र एजेंडा होगा. इसलिए भाजपा को सत्ता में लाकर बंगाल के गौरव को वापस लाना होगा. श्री अधिकारी ने माकपा को वोट कटवा बताया. उन्होंने कहा कि माकपा को वोट नहीं दें, वह वोट काटने वाली पार्टी है, सिर्फ वोट काटना उसका काम है. उन्होंने कहा कि अगर माकपा बारासात में वोट नहीं काटती, तो स्वपन मजूमदार वहां के सांसद होते. अगर बैरकपुर में भी वोट नहीं काटी होती, तो अर्जुन सिंह नहीं हारते. वहां भी लेफ्ट वालों ने वोट काटा. उन्होंने शीलभद्र दत्ता का भी उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि सारे हिंदू वोट बंट रहे हैं और इसी बंटवारे की वजह से तृणमूल सत्ता में आ रही है. उन्होंने ममता बनर्जी पर कटाक्ष कर कहा कि वह कितना भी सोचें कि यह सरकार रहेगी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा. तृणमूल को लगता है कि मुसलमान (माइनॉरिटी) पहले की तरह उनकी तरफ हैं, उन्हें लगता है कि वे पहले की तरह बूथ लूटकर वोट दे सकते हैं, लाइट बंद करके धांधली कर सकते हैं, तो ऐसा नहीं होगा, क्योंकि भाजपा इस बार ऐसा कुछ भी नहीं होने देगी. बारासात जाते समय शुभेंदु के खिलाफ गो बैक और चोर-चोर के नारे लगे, भाजपा ने भी तृणमूल के खिलाफ पलटवार नारे लगाये :भाजपा के ””परिवर्तन संकल्प”” सभा कार्यक्रम में शामिल होने जाते समय राज्य के विरोधी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी को रास्ते में ””गो-बैक”” और चोर-चोर के नारे लगाये गये. बदले में भाजपा ने भी तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चोर-चोर के नारे लगाये. दोनों राजनीतिक पार्टियों के बीच टकराव और काउंटर-स्लोगन की वजह से कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया था. लेकिन पार्टी लीडरशिप की दखल से कुछ ही देर में माहौल नॉर्मल हो गया. भाजपा का कहना है कि सभा में जाते नंदीग्राम के विधायक शुभेंदु अधिकारी को लक्ष्य कर बारासात कॉलेज के अंदर से तृणमूल छात्र संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने चोर-चोर के नारे लगाये. यही रूलिंग पार्टी का कल्चर है, वे जब भी शुभेंदु को देखते हैं, डर से कांपने लगते हैं इसलिए, वे जहां भी जाते हैं, तृणमूल के लोग जानबूझकर ऐसी हरकतें करते हैं. भाजपा इससे डरने वाली नहीं है.

वोट की राजनीति के कारण लेकर मतुआ में गलतफहमी : राज्य विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि नागरिकता को लेकर मतुआ संप्रदाय में जो भ्रम पैदा हुआ है, उसके पीछे महज वोट की राजनीति है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी मतुआ समुदाय को वोट बैंक के तौर पर देखती हैं. तृणमूल की ओर से लगातार लोगों को गुमराह किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि गलत जानकारी देकर मुर्शिदाबाद में हिंसा की आग फैलायी गयी थी. सीएए को लेकर भी लोगों को गुमराह करने का प्रयास चल रहा है. सीएए को पर्दे के पीछे का एनआरसी बताया जा रहा है. जबकि सीएए केवल नागरिकता देने का कानून है. मतुआ समुदाय में भ्रम फैला कर उन्हें बांट दिया जा रहा है. उन्हें कमजोर बनाया जा रहा है.

पूर्व मेदिनीपुर में क्षतिग्रस्त की गयीं सरस्वती की मूर्तियां :

कोलकाता. नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को आरोप लगाया कि पूर्व मेदिनीपुर जिले में देवी सरस्वती की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. अधिकारी ने फेसबुक पोस्ट में दावा किया कि रविवार रात महिषादल में गरकमलपुर की कटहलपट्टी में स्थानीय कारीगरों द्वारा बनायी गयी मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. सरस्वती पूजा 23 जनवरी को मनायी जायेगी. अधिकारी ने कहा कि बार-बार तोड़फोड़ किये जाने से मूर्तिकारों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है. अधिकारी ने दावा किया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में पहले भी इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं. उन्होंने पुलिस प्रशासन पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि कि यही वजह है कि ऐसे मामलों में वृद्धि हुई है.

कांथी : तृणमूल के मंच से लगा ‘शुभेंदु जिंदाबाद’ का नारा :

तृणमूल कांग्रेस के स्थापना दिवस के अवसर पर कांथी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर कांथी और एगरा विधानसभा क्षेत्र के कोऑर्डिनेटर तरुण जाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो के सामने आने के बाद तृणमूल खेमे में बेचैनी देखी जा रही है. वायरल वीडियो में तरुण जाना हाथ में माइक लेकर नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के समर्थन में ‘शुभेंदु अधिकारी जिंदाबाद’ का नारा लगाते हुए दिखायी दे रहे हैं. हालांकि, इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि प्रभात खबर नहीं करता है.तृणमूल कांग्रेस के 29वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर अतिथि तरुण जाना शामिल हुए थे. उन्होंने मंच से अपना भाषण शुरू किया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जमकर प्रशंसा कर रहे थे. इसी दौरान अचानक उनके मुंह से ‘शुभेंदु अधिकारी जिंदाबाद’ का नारा निकल गया. इससे मंच पर मौजूद तृणमूल नेता और कार्यकर्ता हैरान रह गये. स्थिति संभालने की कोशिश की गयी, लेकिन कुछ ही देर में भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. मामले पर तृणमूल नेता तरुण जाना का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह एक भूल है और जुबान फिसलने से यह गलती हो गयी. उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि शुभेंदु अधिकारी लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस में थे और उस दौरान उनके साथ उठना-बैठना रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका भाजपा से कोई संबंध नहीं है और इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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