मुख्य बातें
Shamik Bhattacharya: कोलकाता. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बंगाल इकाई के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी के आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए दावा किया कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से तृणमूल समर्थित गुंडों के हाथों तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हुई है, जबकि बाकी मौतें विपक्षी पार्टी में आंतरिक कलह का नतीजा हैं. उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद शांति लौटी है और अमन चैन से लोग जीवन जी रहे हैं.
चुनाव बाद हिंसा के मामले ना के बराबर
शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि सच तो यह है कि बंगाल में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद चुनाव के बाद न के बराबर हिंसा हुई है. हमने राज्य को राजनीतिक हिंसा की संस्कृति से मुक्त करने का संकल्प लिया है और हम पार्टी या पद की परवाह किये बिना हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री शाह दोनों ही राज्य में चुनाव के बाद की स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं. हाइकोर्ट में ममता बनर्जी को चोर-चोर कहे जाने की घटना को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
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हिंसा भाजपा की संस्कृति नहीं
शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि यह घटना भाजपा की संस्कृति नहीं है और न ही पार्टी ऐसे किसी व्यवहार का समर्थन करती है. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात की जिम्मेदारी तृणमूल कांग्रेस की है. हालांकि उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए ठीक नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि एक स्वस्थ और सामान्य समाज में इस तरह की स्थिति नहीं होनी चाहिए. शमिक भट्टाचार्य ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार नहीं की जायेगी और कानून-व्यवस्था बनाये रखना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने दावा किया कि राज्य में विकास और रोजगार पर ध्यान देने की जरूरत है.
