कोलकाता से अमर शक्ति प्रसाद की रिपोर्ट
राज्य सरकार ने मौजूदा आवास नीति में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है. राज्य के आवास मंत्री दीपक बर्मन ने शुक्रवार को महानगर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि अब आवास परियोजनाओं में फ्लैटों के लिए लीज-होल्ड व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर फ्री-होल्ड मालिकाना हक देने की योजना है. इसके साथ ही लंबे समय से बिना बिके पड़े फ्लैटों को भी जल्द आम लोगों के लिए उपलब्ध कराने का फैसला किया गया है.
2024-25 के लॉटरी विजेताओं को जल्द मिलेंगे फ्लैट
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में लॉटरी के जरिये कई लोगों को आवास मिलने का अवसर मिला था, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण उन्हें फ्लैट नहीं सौंपे जा सके. अब इन कानूनी समस्याओं का समाधान कर लिया गया है और जल्द ही संबंधित लाभार्थियों को फ्लैट हस्तांतरित किये जा सकेंगे.
370 बिना बिके फ्लैटों के लिए ‘पहले आओ, पहले पाओ’
फिलहाल राज्य में करीब 370 फ्लैटों की बिक्री नहीं हो पायी है. सरकार अब इन फ्लैटों को आम लोगों को बेचने की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है. बिना बिके फ्लैटों के लिए ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर आवेदन स्वीकार किये जायेंगे और फ्लैट आवंटित किये जायेंगे. हालांकि, नयी आवास परियोजनाओं में फ्लैटों का आवंटन निर्धारित प्रक्रिया या लॉटरी के जरिये ही किया जायेगा.
जलपाईगुड़ी से न्यूटाउन तक नयी आवास परियोजनाएं
राज्य सरकार ने कई नयी आवास परियोजनाओं की भी घोषणा की है. जलपाईगुड़ी के राजपाई में करीब सात एकड़ जमीन विकसित कर एलआइजी और एमआइजी आवास बनाने की योजना है. वहीं, सिलीगुड़ी के हिमालय कन्या में सात मंजिला आवासीय परियोजना विकसित की जायेगी. ठाकुरपुकुर में करीब 22 एकड़ जमीन पर एलआइजी, एमआइजी और एचआइजी वर्ग के लोगों के लिए आवासीय परियोजना विकसित की जायेगी. इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
12 प्लॉट पर बनाये जायेंगे सात मंजिला आवास
मंत्री ने बताया कि न्यूटाउन के एक्शन एरिया-1 में 12 प्लॉट पर सात मंजिला आवास बनाये जायेंगे. यहां करीब 48 फ्लैट तैयार किये जाने हैं और मार्च 2028 तक काम पूरा करने का लक्ष्य है. वहीं, एक्शन एरिया-2 में लंबे समय से रुकी ‘सन रे’ एचआइजी आवास परियोजना को फिर से शुरू करने की तैयारी है. इस परियोजना में 500 से अधिक फ्लैट बनाये जायेंगे.
3500 परिवारों को मिलेगा लाभ
सरकार के मुताबिक, नयी और प्रस्तावित आवास परियोजनाओं से करीब 3500 परिवारों को लाभ मिल सकता है. खासतौर पर एलआइजी और एमआइजी वर्ग के लोगों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है. मंत्री ने बताया कि एलआइजी आवास के लिए कार्पेट एरिया के आधार पर करीब 4500 रुपये प्रति वर्गफुट की दर रखने की योजना है. वहीं, एमआइजी आवास की कीमत करीब 5500 से 5600 रुपये प्रति वर्गफुट रखने का प्रस्ताव है.
ईंट-भट्ठों को फिर से शुरू करने की तैयारी
राज्य के विभिन्न इलाकों में बंद होने की कगार पर पहुंच चुके ईंट-भट्ठों को दोबारा शुरू करने की पहल भी की जा रही है. मंत्री ने बताया कि उत्तर 24 परगना जिले के पलता और दक्षिण 24 परगना के अकड़ा स्थित ईंट-भट्ठों को फिर से खोला जायेगा. इससे छह हजार रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं.
रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी के काम में आयेगी तेजी
वेस्ट बंगाल रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी के कामकाज को भी गति देने की तैयारी है. लंबे समय से सदस्यों की कमी समेत कई समस्याओं के कारण प्राधिकरण का काम प्रभावित हो रहा था. मंत्री के अनुसार, इन समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. आवास विभाग के कामकाज को तेज और प्रभावी बनाने के लिए नये कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू करने की तैयारी है. सरकार का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था और अतिरिक्त कर्मचारियों से विभागीय कामकाज में तेजी आयेगी.
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