Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने निर्वाचन आयोग (ECI) के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ‘डोजियर’ खोल दिया है. टीएमसी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार (जिन्हें पार्टी वैनिश कुमार कह रही है) पर सीधा हमला बोला है. आरोप लगाया है कि बंगाल में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जिन जनरल ऑब्जर्वर्स को तैनात किया गया है, उनका रिकॉर्ड दागदार है. तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि आयोग ने ‘भ्रष्टाचारियों, जमीन घोटाला करने वालों और भाजपा के वफादारों’ को बंगाल में तैनात कर लोकतंत्र का मजाक उड़ाया है.
8000 करोड़ का घोटाला और जमीन की हेराफेरी
तृणमूल कांग्रेस ने 4 अधिकारियों के नाम और उनके पिछले रिकॉर्ड का हवाला देते हुए आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाये हैं. पूरा विवरण इस प्रकार है-
- धीरज कुमार (गजोले के जनरल ऑब्जर्वर): टीएमसी का आरोप है कि महाराष्ट्र के स्वास्थ्य आयुक्त रहते हुए इन पर 8,000 करोड़ रुपए के एम्बुलेंस टेंडर घोटाले के गंभीर आरोप लगे थे.
- अजय कटेसरिया (बनगांव दक्षिण के जनरल ऑब्जर्वर): आरोप है कि सतना के कलेक्टर रहते इन्होंने 40 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन अवैध रूप से निजी पक्षों को ट्रांसफर कर दी थी. रीवा कमिश्नर की रिपोर्ट में इन्हें दोषी पाया गया और इनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल है.
- गंदम चंद्रूडू (बालीगंज के जनरल ऑब्जर्वर): आंध्रप्रदेश में जनजातीय कल्याण निदेशक के कार्यकाल के दौरान इन पर दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज होने का दावा किया गया है.
- अरिंदम डाकुआ (मध्यमग्राम के जनरल ऑब्जर्वर): टीएमसी का कहना है कि ये ओडिशा के भाजपा मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निजी सचिव (PS) रह चुके हैं. पार्टी ने इसे ‘सीधी राजनीतिक नियुक्ति’ करार दिया है.
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भाजपा की भर्ती एजेंसी बना चुनाव आयोग – टीएमसी
टीएमसी ने कहा कि निर्वाचन आयोग अब भाजपा की ‘रिक्रूटमेंट एजेंसी’ की तरह काम कर रहा है. पार्टी ने आरोप लगाया कि मालदा में पहले ही एक वरिष्ठ बिहार भाजपा नेता के पति को पुलिस ऑब्जर्वर नियुक्त किया जा चुका है. अब ये नये नाम सामने आने से आयोग की मंशा साफ हो गयी है. टीएमसी का सवाल है कि क्या ऐसे ‘दागी’ अफसर बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कर पायेंगे?
वैनिश कमीशन ने बंगाल में घोटालेबाजों, जमीन हड़पने वालों और भाजपा के वफादारों को ऑब्जर्वर बनाकर प्लांट किया है. क्या इन्हीं लोगों के भरोसे बंगाल में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव होंगे? आयोग हर दिन बेशर्मी के नये मानक स्थापित कर रहा है.
तृणमूल कांग्रेस का आधिकारिक बयान
Bengal Elections 2026: चोर को ही पहरेदार बना दिया
बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी ने पुरानी कहावत ‘चोर को पकड़ने के लिए चोर की जरूरत होती है’ का हवाला देते हुए तंज कसा कि यहां तो आयोग ‘मासूमों को परेशान करने के लिए चोरों को तैनात’ कर रहा है. टीएमसी ने इसे ‘बेशर्मी की नयी मिसाल’ बताते हुए मतदाताओं से सतर्क रहने की अपील की है.
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