Bengal elections 2026: पश्चिम बंगाल समेत 4 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्देश जारी किया है. नये निर्देश के अनुसार, चुनाव ड्यूटी पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों के खिलाफ किसी भी शिकायत के आधार पर पुलिस सीधे एफआईआर दर्ज नहीं करेगी. किसी भी कानूनी कार्रवाई से पहले शुरुआती जांच अनिवार्य होगी.
पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों को ECI का निर्देश
आयोग ने जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) और पुलिस आयुक्तों को भेजे गये निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि केंद्रीय बलों के जवान ड्यूटी के दौरान कर्तव्य पालन के तहत कोई कार्रवाई करते हैं और उस पर विवाद या शिकायत होती है, तो पुलिस तत्काल मामला दर्ज नहीं करेगी. पहले तथ्यों की जांच की जायेगी. आयोग का मानना है कि बिना जांच सीधे कार्रवाई करने से सुरक्षा बलों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
Bengal elections 2026: शीतलकूची घटना की पृष्ठभूमि में निर्देश
इस निर्देश को वर्ष 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान शीतलकूची में हुई हिंसा की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है. उस समय केंद्रीय बलों की फायरिंग में 5 ग्रामीणों की मौत हो गयी थी. घटना के बाद संबंधित जवानों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था. वर्तमान में यह मामला जांच एजेंसियों के पास है और कलकत्ता हाईकोर्ट में विचाराधीन है.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
मुर्शिदाबाद में केंद्रीय बलों का अधिकतम उपयोग
इसके साथ-साथ इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने मुर्शिदाबाद जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वहां पहले से तैनात 17 कंपनी केंद्रीय बलों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाये. अप्रैल 2025 में वक्फ विरोधी आंदोलन के दौरान इस क्षेत्र में हिंसा की घटनाएं हुईं थीं. इसके बाद कोर्ट के आदेश पर इन बलों की तैनाती की गयी थी. आयोग ने पुलिस अधिकारियों को केंद्रीय बलों के कमांडरों के साथ नियमित समन्वय बैठकें करने के निर्देश दिये हैं, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके.
इसे भी पढ़ें
बंगाल चुनाव 2026: सीमाओं पर ‘नो एंट्री’, चुनाव आयोग ने ली 5 राज्यों के अफसरों की महाबैठक
बंगाल चुनाव 2026 में हिंसा-डर बर्दाश्त नहीं, DM-SP को चुनाव आयोग का कड़ा निर्देश
बंगाल में इलेक्शन कमीशन की चौतरफा घेराबंदी, 4000 टीमों का पहरा, 3.5 लाख केस दर्ज, 181 करोड़ की जब्ती
बंगाल चुनाव 2026: अफसरों के तबादले पर हाईकोर्ट में भिड़े चुनाव आयोग और सरकार के वकील
