मुख्य बातें
Bengal Election : कोलकाता: बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने बंगाल में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला किया है. इस को लेकर तृणमूल कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच टकराव चल रहा है. ममता बनर्जी ने इस मामले में चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराया है. अब तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी के सहयोगी अर्क कुमार नाग ने कलकत्ता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है. याचिका में इस कार्रवाई को गैर कानूनी बताया गया है.
सुबह से रात तक हो रहे तबादले
याचिका में कहा गया है कि कभी सुबह, कभी देर रात, तबादले हो रहे हैं. एक के बाद एक अधिकारियों का तबादला हो रहा है. मुख्य सचिव से लेकर जिला मजिस्ट्रेट तक, राज्य पुलिस के महानिदेशक से लेकर पुलिस अधीक्षक तक, कई स्तरों पर तबादलों के नोटिस जारी किए गए हैं. कई अधिकारियों को पर्यवेक्षक के रूप में दूसरे राज्यों में भेजा गया है. तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कई पत्र लिखकर ये आरोप लगाए हैं और अब यह मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय तक पहुंच गया है.
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बाधित हो रहा प्रशासनिक कार्य
राष्ट्रीय चुनाव आयोग राज्य के आई.एस. और आई.पी.एस. अधिकारियों का तबादला दूसरे राज्यों में कर रहा है. याचिका में दावा किया गया है कि राष्ट्रीय चुनाव आयोग का दायित्व चुनाव कराना है, लेकिन प्रशासन के सभी विभागों के उच्च पदस्थ अधिकारियों का तबादला करने का अधिकार राष्ट्रीय चुनाव आयोग को नहीं है. कल्याण ने कलकत्ता उच्च न्यायालय से राष्ट्रीय चुनाव आयोग के इस फैसले पर रोक लगाने का अनुरोध किया है. उनका दावा है कि इससे प्रशासनिक कार्य बाधित हो रहा है.
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