बंगाल का गुजराती समाज नाराज, महुआ मोइत्रा की टिप्पणी पर ममता बनर्जी को मांगनी पड़ी माफी

Bengal Election: महुआ मोइत्रा ने गुजराती भाषा पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि जब आप कालापानी जाएंगे, तो आपको किनके नाम दिखाई देंगे. कालापानी में कैद किए गए लोगों में कितने गुजराती हैं. वहां 68 प्रतिशत बंगाली थे. उसके बाद पंजाबी आते हैं.

Bengal Election: कोलकाता: बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान चरम पर है. अपने बयानों से विवादों में रहनेवाली तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने एक बार फिर विवादित बयान दे दिया है. उन्होंने भवानीपुर में गुजरातियों के बारे में एक ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसपर खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को माफी मांगनी पड़ी है. भवानीपुर में गुजराती समुदाय महुआ की विवादास्पद टिप्पणियों से बेहद नाराज है. अपने सांसद के बयान से तृणमूल कांग्रेस असहज है. वार्ड नंबर 70 के तृणमूल पार्षद असीम बसु ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का संदेश जारी किया है, जिसमें ममता ने महुआ की टिप्पणियों के लिए गुजराती समाज से माफी मांगी है.

पार्टी से बिना पूछे दिया बयान

ममता बनर्जी ने गुजराती भाइयों और बहनों को भेज माफीनामे में कहा- मैं अपने गुजराती भाइयों और बहनों से व्यक्तिगत रूप से माफी मांगती हूं. मुझे आप पर गर्व है. इस मामले पर संबंधित सांसद से चर्चा हो चुकी है. हम इस टिप्पणी का समर्थन नहीं करते. मैं इस तरह की गैरजिम्मेदाराना टिप्पणी के लिए माफी मांगती हूं. तृणमूल पार्षद असीम बसु ने साफ किया है कि कृष्णानगर की तृणमूल सांसद महुआ ने पार्टी की अनुमति लिए बिना यह टिप्पणी की थी. उन्होंने सांसद की टिप्पणी के लिए खुद भी माफी मांगी है. उन्होंने अपना पोस्ट हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती में भी जारी किया है.

क्या था महुआ का बयान

तीन दिन पहले तृणमूल भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कृष्णानगर की सांसद महुआ ने विवादित बयान दिया था. स्वतंत्रता आंदोलन में बंगालियों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए महुआ ने कहा- बंगालियों ने अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया. जब आप कालापानी जाएंगे, तो आपको किनके नाम दिखाई देंगे. वहां कितने गुजराती थे. कालापानी में कैद लोगों में से 68 प्रतिशत बंगाली थे. फिर पंजाबी भी हैं. महुआ की इस टिप्पणी से राजनीतिक तनाव बढ़ गया.

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गुजराती समुदाय नाराज

भवानीपुर के वार्ड नंबर 70 में रहने वाले गुजराती समुदाय के लोगों ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जतायी. वार्ड नंबर 70 में गुजराती समुदाय की आबादी अधिक है. पिछले चुनावों में, तृणमूल इस वार्ड में हर जगह पिछड़ गई थी. यह वार्ड भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. ममता खुद विधानसभा चुनाव में यहां से उम्मीदवार हैं. तृणमूल पार्टी के एक वर्ग का कहना है कि जब पार्टी प्रमुख तृणमूल पार्टी से मुंह मोड़ चुके मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं, तब इस तरह की टिप्पणियां गलत संदेश दे रही हैं.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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